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Milk Production : अगर प्रोफेशनल तकनीक से हो डेरी फार्मिंग तो कई गुना बढ़ा सकते है दूध का प्रोडक्शन, मार्केट में है अच्छी डिमांड

Chattisgarh daily milk production techniques : बहुत सारे ऐसे संस्थान हैं जो शार्ट टर्म, लॉग टर्म डेयरी से जुड़े कोर्स चलाते हैं। कई कमर्शियल डेयरी फर्म हैं जहां यह सभी नियम सिखाए जाते हैं।

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Milk Production : अगर  प्रोफेशनल तकनीक से हो डेरी फार्मिंग तो कई गुना बढ़ा सकते है दूध का प्रोडक्शन, मार्केट में है अच्छी डिमांड

Milk Production : अगर प्रोफेशनल तकनीक से हो डेरी फार्मिंग तो कई गुना बढ़ा सकते है दूध का प्रोडक्शन, मार्केट में है अच्छी डिमांड

बिलासपुर. बहुत सारे ऐसे संस्थान हैं जो शार्ट टर्म, लॉग टर्म डेयरी से जुड़े कोर्स चलाते हैं। कई कमर्शियल डेयरी फर्म हैं जहां यह सभी नियम सिखाए जाते हैं। कोई भी छोटा कोर्स करने के बाद गाय पालन या दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय को शुरू करता है तो उसे फायदा जरूर होगा। ये बातें पत्रिका के साक्षात्कार में पशु चिकित्सक डॉ. संजय दुबे ने कही, साथ ही इस क्षेत्र में कॅरियर, स्कोप सहित अन्य विषयों पर जानकारी दी।

डेयरी क्षेत्र में तकनीक की क्या भूमिका है?

इस व्यवसाय में टेक्निकल चीजों पर ध्यान देना पड़ता है, कई नई तकनीक आ चुकी हैं। 40-50 वर्ष पुरानी परंपरा पर काम करने की बजाए वर्तमान में बहुत सारे सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आ गए हैं जो इस व्यवसाय में काफी उपयोगी हैं।

देशी नस्ल को सड़कों पर छोड़ दिया गया है, इसमें सुधार की क्या गुंजाइश है?

पहले जो देशी नस्ल से बछड़े होते थे उनका उपयोग किसान खेतों में करते थे। इससे मिले वाले गोबर को भी उपयोग में लाया जाता था। अभी कुछ समय से व्यावसायिक खेती महंगे तरीके से हो रही है, लेकिन शासन ने गोबर खरीदना शुरू किया है इससे एक आय का साधन बढ़ा है। अधिक गोबर होने से किसानों को इसके अच्छे दाम मिलेंगे। लोगों को जरूरत है कि वे देशी नस्ल की गाय पालन में अच्छी ब्रीड का चयन करें।

शहरी क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की क्या संभावना है?

शहरी क्षेत्र खासकर नगर निगम सीमा क्षेत्र में पशु पालन पर प्रतिबंध है। कई बीमारियां ऐसी हैं जो जानवरों के लगातार संपर्क में रहने से आती हैं। शहर से लगे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और लोगों को पशु पालन के लिए प्रेरित करना चाहिए।

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की क्या स्थिति है?

छत्तीसगढ़ की जब बात आती है तो यहां सुधार की काफी गुंजाइश है। यहां का डेयरी फार्मिंग है वह बहुत ज्यादा प्रोफेशनल नहीं है। अभी तक जो भी उत्पादन कर रहे हैं वह देशी तरीकों से कर रहे हैं। इसमें सुधार का ज्यादा स्कोप है, इसकी डिमांड भी बहुत हैं।

कॅरियर के तौर पर दुग्ध उत्पादन कितना कारगर है?

डेयरी फर्म के लिए चार स्तंभ हैं जिसमें ब्रिडिंग, फिडिंग, डिजीज और मनी सेक्टर। इन चारों स्तंभों के नियमों का पालन किया जाए तो इसका फायदा होता है। बड़ी डेयरी फर्म आज इसी नियम पर चलकर स्थापित हुई हैं।