
शहर में 1500 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब, ठेका कंपनी पर जुर्माना करना छोड़ मुख्यालय से मांग रहे लाइटें, लगी फटकार
नगरीय निकाय प्रभारियों को जारी आदेश में संचालक ने कहा है प्रदेश के नगरीय निकायों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए राज्य शासन ने ईईएसएस कंपनी से अनुबंध किया गया है। अनुबंध के तहत ठेका कंपनी को लाइटों का संचालन और संरधारण करना है, लेकिन ठेका कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी अनुबंध के तहत काम नहीं कर रहे हैं। ठेका कंपनी प्रदेश भर के नगरीय निकायाें में सेवाएं देने 7 वर्ष के लिए अनुबंधित है। नियम के तहत निकाय क्षेत्रों में हर हाल में ठेका कंपनी को 95 फीसदी लाइटें चालू स्थिति में रखना जरूरी है। ऐसा नहीं होने की स्थिति में ठेका कंपनी के खिलाफ पेनाल्टी करने का प्रावधान है।
जुर्माना नहीं करने पर जताई आपत्ति लगाई फटकार
पेनाल्टी का अधिकार नगरीय निकायों के पास होने के बाद भी ऐसा नहीं करने और उल्टा मुख्यालय से प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइटों की मांग करने पर आपत्ति की है। संचालक ने निकायों के प्रभारियों को फटकार लगाते हुए ठेका कंपनी से काम कराने और नहीं करने पर जुर्माना लगाने कहा है।
जनप्रतिनिधि नाराज और शासन को न हाे क्षति
संचालक ने अधिकारियों को दो टूक में कहा है कि प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से जनप्रतिनिधियों के नाराज होने और शिकायत करने का दौर आज भी जारी है। ऐसा होना गलत है। वहीं ठेका कंपनी को भुगतान करने के बाद भी निकायों को लाइटें उपलब्ध कराने से शासन को आर्थिक क्षति हो रही है। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने की चेतावनी निकाय प्रभारियों को दी गई है।
छूट भी नहीं ले रहे और करा रहे भुगतान
संचालक ने कहा है कि ठेका कंपनी द्वारा बिल , इनवाईस भेजने के बाद निकायों द्वारा बिल की जांच कर एक माह के भीतर अनुबंध के तहत भुगतान करना होता है, लेकिन निकायों द्वारा बिला की जांच, समय पर भुगतान कर मिलने वाले छूट का लाभ उठाया जा रहा है और न ही पेनाल्टी की जा रही है। कार्रवाई नहीं करने पर बिल और इनवाइस को सत्यापित मानकान शासन से ठेका कंपनी को भुगतान करना मजबूरी हो जाती है।
पेनाल्टी लगाई न की आपत्ति
नगर निगम ने अब तक ठेका कंपनी के खिलाफ काम नहीं करने पर न ही पेनाल्टी लगाई है और न ही आपत्ति की है। नियम के तहत नगर निगम के पुराने क्षेत्र में निगम ने मुख्यालय से मांगी गई करीब 2000 से अधिक लाइटें लगवाई है। वहीं बंद पड़ी लाइटों की गिनती करने पर 95 फीसदी लाइटें चालू स्थिति में होने की शर्त पूरी नहीं हो रही है। निगम अधिकारियों ने न ही आपत्ती की है और न ही पेनाल्टी की है।
शहर के इन क्षेत्रों में अधिक शिकायतें
1. जोन नंबर 1 सकरी के कांटीखार, बाजार पारा, हाफा रोड , आवासपारा, बटालियन रोड और शासकीय स्कूल के पास और अन्य क्षेत्रों में लाइटें बंद होने की करीब 600से अधिक शिकायतें लोगों ने की है।
इसी प्रकार शहर के जोन नंबर 3 में कुदुदंड मुख्य मार्ग, 27 खोली, इद्रसेन नगर, जरहाभाठा मिनी बस्ती, मगरपारा, तिलक नगर, राजेन्द्र नगर, और अन्य क्षेत्रों से 104 शिकायतें हुई हैं।
जोन नंबर 2 में कुंदरापारा, अमेरी, घुरू, तिफरा औद्यौगिक क्षेत्र, इन्द्रपुरी, मन्नाडोल, सिरगिट्टी और महमंद रोड क्षेत्र में रहने वाले 200 से अधिक लोगाें ने शिकायत की हैं।
जोन नंबर 4 में तारबाहर मुख्य मार्ग, व्यापार विहार, भारतीय नगर, विनोबा नगर, विद्या नगर, इंदिरा कॉलोनी समेत आसपास के क्षेत्र के 400 से अधिक लोगों ने शिकायतें की हैं।
जोन नंबर 5 में जूना बिलासपुर, कतियापारा, देवांगन मोहल्ला, शनिचरी बाजार, गोड़पारा , फजल बाड़ा, इमाम बाड़ा समेत क्षेत्र के करीब 735 से अधिक लोगों ने शिकायतें की हैं।
जोन नंबर 6 में तोरवा बस्ती, तोरवा पॉवर हाउस, देवरीखुर्द, देवरीडीह, बूटापारा, दोमुहानी, फोकटपारा, दयालबंद समेत आसपास के क्षेत्र के करीब 950 लोगों ने शिकायतें की हैं।
जोन नंबर 7 में अशोक नगर , चांटीडीह, चिंगराजपारा, लिंगियाडीह, मोपका, विवेकानंद नगर, आरके नगर, के करीब 940 से अधिक लोगों ने शिकायतें की हैं।
जोन नंबर 8 में बड़ी कोनी, छोटी कोनी, बंधवापारा, लोधीपारा, देवनगर, आवास रोड कोनी, पुराना सरकंडा, नया सरकंडा, और आसपास क्षेत्र के 600 से अधिक लोगों ने शिकायतें की हैं।
ठेका कंपनी ईईएसएल की ओर से सेवा देने में आनाकानी की जा रही है। उनके पास न ही कर्मचारी है और न ही लाइटें। ठेका कंपनी पर अब तक पेनाल्टी नहीं हुई और न ही आपत्ति की गई है, सिर्फ शिकायतें ही हुई हैं। मुख्यालय के आदेश जारी हुए हैं तो अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर ठेका कंपनी पर पेनाल्टी करने के साथ उसके बिल में कटौती की जाएगी।
शेख नजीरूद्दीन
अध्यक्ष नगर निगम बिलासपुर
Published on:
28 Jun 2023 08:59 pm

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