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लोन के नए ढंग ने बढ़ाया पेमेंट गेटवेज का चलन

पेमेंट गेटवे आज के दौरान के नए ढंग के भुगतान तरीकों में से एक हैं, इनका लगातार बढ़ रहा है ग्राफ
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बिलासपुर

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Barun Shrivastava

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Updated: 26 Nov 2021, 5:59 PM IST

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Coronavirus Lockdown: NBFCs demands for moratorium like bank

बिलासपुर.

पेमेंट गेटवेज का चलन इसमें मिल रही क्रेडिट ने भी बढ़ाया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक शहरी लेन-देन के अलावा पेमेंट गेटवेज का विस्तार गांवों तक हो गया है। अब लोग अपने खेत से जुड़ी मजदूरी जैसे भुगतान भी इन माध्यमों से करने लगे हैं। एक निजी पेमेंट गेटवे के स्थानीय अधिकारी के मुताबिक अब हमारा फोकस ग्रामीण एरिया की तरफ है। नगरीय क्षेत्र में स्पर्धा है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इनका विस्तार जारी है। आमतौर पर जो पहले जहां पहुंच जाए वो वहां लीड करता है। पेटीएम ने इस मामले में इसीलिए बाजी मारी थी।


30 दिन की क्रेडिट से भी बढ़ा चलन

अब एप के जरिए आसान भुगतान में 30 तक की क्रेडिट की भी शुरुआत हो चुकी है। एनबीएफसी कंपनियों के साथ मिलकर यह सुविधा बिना ब्याज के दी जा रही है। इसके बदले में भुगतान की गई राशि का 1 फीसद व जीएसटी प्रक्रिया शुल्क के रूप में लिया जाता है। इस लिहाज से यह भुगतान बिना ब्याजा का तो कहलाता है, लेकिन इसमें लगभग सवा फीसद ब्याज ग्राहक को भुगतना पड़ता है। लेकिन यह सुविधा क्रेडिट कार्ड जिनके पास नहीं हैं उनके लिए ठीक है। चूंकि इसमें ग्राहक की सिबिल के मुताबिक धनराशि की केर्डिट दी जाती है। इसका सायकल 1 तारीख से महीने की अंतिम तारीख होता है। 7 तारीख को भुगतान करना होता है। लेट होने की स्थिति में आंशिक पैनाल्टी ली जाती है।

वॉलेट भी दे रहे मदद

इन गेटवेज के कैश वॉलेट भी इसमें मददगार हैं। इससे ग्राहक के वॉलेट में वह जितना खर्चना चाहता है उतना डाल सकता है। इससे सीधे खाते से पैसा नहीं जाता। इसका फायदा ये होता है कि खाता खाली नहीं हो पाता।