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नल में टोंटी, टॉयलेट में दरवाजा व पीने का साफ पानी नहीं, बाहर से खरीद रहे दवाएं…

CG News: हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी एक ओर जहां कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्ररों ने सिम्स के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की तो दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा सचिव ने हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग का बारीकी से जायजा लिया।

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नल में टोंटी, टॉयलेट में दरवाजा व पीने का साफ पानी नहीं, बाहर से खरीद रहे दवाएं...

बिलासपुर। CG News: हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी एक ओर जहां कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्ररों ने सिम्स के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की तो दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा सचिव ने हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग का बारीकी से जायजा लिया। इस बीच जैसे ही मरीजों को पता चला कि यहां उच्चाधिकारी निरीक्षण करने आए हैं, स्वयं उनके सामने आकर प्रबंधन के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगा दी। कहा-नल में टोंटी, टॉयलेट में दरवाजा तक नहीं साहब..., वार्ड में मच्छरों ने कर रखा है बुराहाल। पेयजल भी साफ नहीं मिल रहा, दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रहीं...। इस पर डीन व एमएस को जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने कड़ी हिदायत दी गई।

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मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग का भी चप्पा-चप्पा खंगाला
आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स की बदहाली सुधारने हाईकोर्ट के निर्देश पर दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्रर अपूर्व तिवारी व संघर्ष पांडेय के साथ चिकित्सा शिक्षा सचिव पी.दयानंद निरीक्षण के लिए पहुंचे। अलग-अलग टीमों में बंट कर हॉस्पिटल से लेकर कॉलेज बिल्डिंंग तक का निरीक्षण किया।

हॉस्पिटल बिल्डिंग के ऊपरी फ्लोर में भी गंदगी व कबाड़ देख कोर्ट कमिश्ररों ने नाराजगी जताई। कहा कि हॉस्पिटल को साफ-सुथरा होना चाहिए, यहां गंदगी रहेगी तो उल्टा मरीजों के साथ आया स्वस्थ परिजन संक्रमित होकर बीमार पड़ जाएगा। इसके साथ ही कमिश्ररों ने हॉस्पिटल स्थित जांच मशीनों का एक-एक कर जायजा लिया और स्टाफ की जानकारी लेते हुए वीडियोग्राफी के साथ रिपोर्ट तैयार की। इधर पी. दयानंद दूसरे दिन विशेष रूप से ओपीडी व वार्डों में गए। ओपीडी में अव्यवस्थित लाइन व भीड़भाड़ देख ऐसी व्यवस्था बनाने कहा, जिससे मरीजों को परेशानी न हो। वार्डों में गए तो वहां कई तरह की अव्यस्थाएं देख नाराजगी जाहिर करते हुए एमएस को जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए।

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अधिकारियों को निरीक्षण करते देख मरीजों ने प्रबंधन के खिलाफ निकाली भड़ास
सिम्स आए मरीजों व उनके परिजनों को जैसे पता चला कि निरीक्षण के लिए स्वयं हैल्थ सेक्रेटरी आए हैं, तो उनकी जैसे बांछे खिल गईं। एक-एक कर सामने आते हुए प्रबंधन के खिलाफ भड़ास निकाली। इस बीच किसी ने बताया कि यहां टॉयलेट में दरवाजा तक नहीं, जिसमें है उसमें कुंडी नहीं है। नियमित रूप से सफाई न होने से गंदगी फैली रहती है। वाटर कूलर में टोंटी ही नहीं है,जिसमें है उनका फिल्टर व कूलिंग सिस्टम ही खराब है। वार्ड में मच्छरों की वजह से रहना मुश्किल हो रहा है। इतना सुनते ही एक-एक स्थान का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया और डीन व एमएस पर जमकर भडक़े। कहा कि व्यवस्था जल्द सुधरनी चाहिए, लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।

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निरीक्षण के लिए पहुंच रहे, सतर्क हो जाओ...

हैल्थ सेक्रेटरी जहां-जहां निरीक्षण के लिए जाने वाले होते, एमएस डॉ. सुजीत नायक भांपते हुए संबंधित विभाग प्रमुखों को अलर्ट करते रहे। इस बात को पी. दयानंद भी भांप गए और फिर अचानक अपना ट्रैक बदलते हुए निरीक्षण करते रहे।

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चिकित्सा शिक्षा सचिव, पी. दयानंद ने कहा-

सिम्स में सभी जगह निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने प्रबंधन को कड़े निर्देश दिया हूं। सारी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

नालियों की नियमित सफाई पर दिया जोर
पी. दयानंद हास्पिटल बिल्डिंग के पीछे भी गए, वहां कूड़ा-करकट व जाम नालियों को देख कर भडक़ गए। एमएस से कहा कि नालियों की नियमित सफाई होनी चाहिए। गंदगी का नामोनिशान नहीं होना चाहिए। इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।

मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स से मिले, परेशानी पूछी
हॉस्पिटल बिल्डिंग के साथ ही चिकित्सा शिक्षा सचिव, मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां मेडिकल की छात्राओं से मिल कर उनसे परेशानी पूछी। पढ़ाई से लेकर मेस में भोजन व्यवस्था की भी जानकारी ली।