
समाज से बहिष्कृत करने व जुर्माना वसूली करने पर जशपुर ब्लाक महाकुल समाज के अध्यक्ष व अन्य को नोटिस
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सामाजिक बहिष्कार किए जाने संबंधी याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए महाकुल समाज के जशपुर ब्लाक अध्यक्ष हिरदयनन्द बारीक निवासी ग्राम करेगाबहला पत्थलगांव व गणेश चन्द्र बेहरा निवासी पत्थलगांव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
बिलासपुर जिले के विनोबानगर निवासी डीपी नवगवाल ने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत हाईकोर्ट में याचिका दायर की कर बताया था वे गुरुनानक हाईस्कूल बिलासपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं, और पत्थलगांव के मूल निवासी हैं। 10 दिसंबर 2020 को उसके पुत्र अंकित का अंतर्जातीय प्रेम विवाह बिलासपुर में विवाह अधिकारी के समक्ष करवाया था। विवाह अवसर पर उसके महाकुल समाज के पत्थलगांव में रहने वाले रिश्तेदार शामिल हुए। विवाह शांति पूर्वक संपन्न हुआ था परन्तु उनके समाज के उक्त दोनों ने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर याचिकाकर्ता को दूसरे समाज की लड़की से विवाह कराने का अपराधी मानते हुए उसे व उसके परिवार के सदस्यों को बहिष्कृत कर दिया। साथ ही जो लोग विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन सभी से 5-5 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया गया है। साथ ही याचिकाकर्ता और उसके परिवार का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। उन्हें समाज के शादी ब्याह व किसी भी कार्यक्रम में बुलाने व उनके घर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब देने कहा है।
बिलासपुर जिले के विनोबानगर निवासी डीपी नवगवाल ने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत हाईकोर्ट में याचिका दायर की कर बताया था वे गुरुनानक हाईस्कूल बिलासपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं, और पत्थलगांव के मूल निवासी हैं। 10 दिसंबर 2020 को उसके पुत्र अंकित का अंतर्जातीय प्रेम विवाह बिलासपुर में विवाह अधिकारी के समक्ष करवाया था। विवाह अवसर पर उसके महाकुल समाज के पत्थलगांव में रहने वाले रिश्तेदार शामिल हुए। विवाह शांति पूर्वक संपन्न हुआ था परन्तु उनके समाज के उक्त दोनों ने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर याचिकाकर्ता को दूसरे समाज की लड़की से विवाह कराने का अपराधी मानते हुए उसे व उसके परिवार के सदस्यों को बहिष्कृत कर दिया। साथ ही जो लोग विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन सभी से 5-5 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया गया है। साथ ही याचिकाकर्ता और उसके परिवार का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। उन्हें समाज के शादी ब्याह व किसी भी कार्यक्रम में बुलाने व उनके घर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब देने कहा है।
Published on:
25 Jun 2022 11:37 pm

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