
अली बाबा-चालीस चोर की गुफा में विराजेंगी मां जगदम्बा, खुल जा सिम-सिम कहते ही खुलेगा द्वार
काजल किरण कश्यप/ बिलासपुर. अली बाबा और चालीस चोर की कहानी अक्सर हमें पढऩे व टीवी पर देखने को मिलती है। लेकिन इस बार इसे सामने से देखने और उस गुफा में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा। जहां पर हम रोमांच के साथ गुफा का दरवाजा खोलने के लिए खुलजा सिम-सिम कहेंगे, और दरवाजा खुल जाएगा। फिर हमारे प्रवेश करते ही दरवाजा बंद हो जाएगा। इस रोमांच का अनुभव दुर्गोत्सव में तिलक नगर दुर्गोत्सव समिति द्वारा कराया जाएगा। यहां पंडाल का प्रवेश द्वारा पूरी तरह से अली बाबा और चालीस चोर की गुफा व पहाड़ की हूबहू प्रतिकृति होगी। जिसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है। वहीं इसे देखने के लिए श्रद्धालूओं में भी उत्साह है।
तिलक नगर दुर्गोत्सव समिति हर साल नए व अनोखे पंडालों का निर्माण कर शहरवासियों को सिर्फ रोमांचित ही नहीं करती, बल्कि हिन्दू धर्म के अच्छे संदेश भी देती है। इसी के तहत इस वर्ष अली बाबा और चालीस चोर की गुफानुमा पंडाल तैयार किया जा रहा है। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक सिंह ठाकुर बताया, इस बार रोमांचित करने वाला गुफा बच्चों को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। गुफा का दरवाजा खुल जा सिम-सिम कहने पर खुलेगा दरवाजा फिर अंदर जाते ही बंद हो जाएगा।
तीनों लोक के दर्शन करेंगे भक्त : पंडाल के भीतर अंदर तीनों लोकों के दर्शन होंगे। इसमें पृथ्वी लोक, नरक व स्वर्ग लोक से होकर भक्तों को गुजरना पड़ेगा। स्वर्ग लोक में मां दुर्गा के दरबार में सभी देवी-देवता नजर आएंगे।
24वां वर्ष है दुर्गोत्सव का : दुर्गोत्सव का यह 24वां वर्ष है। हर साल अलग-अलग इमारत व मंदिरों की प्रतिकृति का हूबहू रूप तैयार किया जाता है। यहां केदारनाथ, बद्रीनाथ, इंडिया गेट, गेट ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भवन, दार्जलिंग की पहाड़, अमरनाथ की गुफा, 12 ज्योर्तिलिंगों का एक साथ दर्शन, भोरम देव सहित कई तरह के मंदिर व इमारत पंडाल के तौर पर बनाया जा चुका है।
Published on:
27 Sept 2018 01:06 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
