आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में एडमिशन की प्रक्रिया लॉटरी स्स्टिम में होती है। इसके लिए फार्म भरने के बाद अभिभावकों को बेशब्री से इंतजार था। मंगलवार को सुबह होते ही अभिभावक अपने-अपने बच्चों को लेकर संबंधित स्कूलों में पहुंचे। इस बीच जिनका नाम आता गया, उनकी खुशी का ठिकाना न रहा, लेकिन जिनका नहीं आया, वे निराश होकर लौटते रहे। बतादें कि जिले के सभी 17 आत्मानंद स्कूलों के लिए 24 हजार आवेदन आए थे। 17 मई को सेजेस मंगला स्कूल, सेजेस चकरभाठा स्कूल, में लॉटरी निकाली जाएगी। इसी तरह 18 मई को लिंगियाडीह स्कूल, मस्तूरी स्कूल, चिंगराजपारा स्कूल, दयालबंद स्कूल, बहादुर शास्त्री स्कूल, डीकेपी कोटा स्कूल लाटरी निकलेगी। 19 मई को सेजेस बीआर अंबेडकर स्कूल, पचपेड़ी स्कूल में वहीं 20 मई को सेजेस बेलपान स्कूल में लॉटरी निकाली जाएगी।

प्राइवेट स्कूलों से मोह भंग हो रहा
निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावकों का अब प्राइवेट स्कूलों से मोह भंग होने लगा है। अंगेजी आत्मानंद स्कूलों में बेहतर सुविधा व पढ़ाई को देखते हुए ज्यादातर अभिभावकों की पहली प्राथमिकता यही स्कूल हैं, लेकिन इसमें भी किस्मत में एडिमिशन वाली बात सामने आ रही है। यानी जिसका लॉटरी में नाम आया, उन्हीं बच्चों को एडमिशन मिल पा रहा है।
लाला लाजपतराय स्कूल: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम की विद्यालय लाला लाजपत राय स्कूल में कक्षा पहली में कुल 468 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 243 बालक व 225 बालिकाओं के आवेदन थे। इनमें से 7 बालक व 8 बालिकाओं समेत कुल 15 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। इसी प्रकार कक्षा नर्सरी यूकेजी में कुल 419 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 215 बालक व 204 बालिकाओं के आवेदन थे। इनमें से 12 बालक व 13 बालिकाओं समेत कुल 25 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया।
तारबाहर में सर्वाधिक भर्ती
तारबाहर स्वामी आत्मानंद स्कूल में सवार्धिक भर्ती की गई। मंगलवार को जारी लॉटरी रिजल्ट में कुल 90 बच्चों को सिलेक्ट किया गया। इसमें यूकेजी के 25, क्लॉस 1 में 25, क्लॉस 3 में 1, क्लॉस 6 में 1, क्लॉस 8 में 3, क्लॉस 10 में 7, क्लॉस 11 मैथ्स में 15, बायो में 5 और कॉमर्स के 4 तो क्लास 12 के मैथ्स में 4, बायो में 1 और कॉमर्स में 3 बच्चों की भर्ती के लिए नाम निकाला गया। इसके अलावा 14 छात्रों को वेटिंग में रखा गया है।
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल की पहल सराहनीय है। शासन को इस प्लान को स्टेप दर स्टेप बढ़ाना चाहिए। सभी सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए सरकार शिक्षकों का ट्रेनिंग प्रोग्राम चला सकती है। इंग्लिश माध्यम के साथ-साथ राज्य के पुराने सभी हिंदी माध्यम स्कूलों की भी विशेष मॉनिटिरिंग की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षकों की संविदा की जगह रेगुलर भर्ती की जाए। ताकि यह सभी सुरक्षित महसूस कर पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा सकें।
आरएल पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर मैथमेटिक्स, साइंस कॉलेज