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पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी नहीं रहे, शहर के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

साहित्य और पत्रकार जगत को गहरा सदमा पहुंचा है।

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Shyamlal Chaturvedi

पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी नहीं रहे, शहर के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

बिलासपुर. पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी ने आज सुबह आठ बजे शहर के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी के जाने से पूरा राज्य स्तब्ध है। पिछले कुछ दिनों से वे वेंटीलेटर पर थे। पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी के निधन से साहित्य और पत्रकार जगत को गहरा सदमा पहुंचा है।

भारत सरकार ने उन्हें इसी साल दिल्ली में दीर्घ साहित्य साधना और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी का पिछले एक माह से बिलासपुर और रायपुर में इलाज चल रहा था। रायपुर में इलाज कराने के बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी। जिस कारण उन्हें वेंटिलेटर में रखा गया था। शुक्रवार को सुबह 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
पत्रकारिता के एक युग का अंत : डॉ. रमन सिंह : प्रदेश के मुख्यमंत्री ने डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कवि, साहित्यकार और पत्रकार पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लोकप्रिय साहित्यकार पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी के निधन से छत्तीसगढ़ में साहित्य और पत्रकारिता के एक युग का अंत हो गया। उन्होंने फोन पर उनके परिवार को अपनी संवेदना प्रकट की।