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पुलिस जवानों की समस्या के निराकरण के लिए बना हेल्प डेस्क, छुट्टी के लिए सबसे ज्यादा आवेदन

व्यस्त कार्य के दौरान पुलिस कर्मियों को होने वाली समस्या के निराकरण के लिए महीनों पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। कर बार तो ऐसे भी कार्य होते हैं जिसके चलते जवान को एक नहीं बल्कि तीन से चार विभागों के चक्कर लगाने महीनों भटकना पड़ता है।

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बिलासपुर. पुलिस जवानों की समस्या के निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हेल्प डेस्क के खुले 4 दिन हो चुके हैं। चार दिनों में ही हेल्प डेस्क में जवानों के 48 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन में अधिकांश आवेदन छुट्टी को लेकर है, वहीं कुछ ने वेतन विसंगति, क्वार्टर के लिए व कुछ ने जीपीएस के लिए आवेदन किया है।

व्यस्त कार्य के दौरान पुलिस कर्मियों को होने वाली समस्या के निराकरण के लिए महीनों पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। कर बार तो ऐसे भी कार्य होते हैं जिसके चलते जवान को एक नहीं बल्कि तीन से चार विभागों के चक्कर लगाने महीनों भटकना पड़ता है।

पुलिस कर्मियों को हो रही समस्या पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने ३ अक्टूबर को कार्यालय में हेल्प डेस्क की शुरुआत की हैं। हेल्प डेस्क खुलने के साथ ही आवेदन आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। चार दिनों में 48 आवेदन पुलिस अधिकारियों को प्राप्त हो चुके हैं।

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प्राप्त आवेदन में छुट्टी को लेकर व वेतन विसंगति को लेकर मिले प्रकरणों का निराकरण करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हेल्प डेस्क की शुरुआत के साथ ही विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके, इसके लिए हेल्प डेस्क बनाया गया है। हेल्प डेस्क में एसपी व राजपत्रित अधिकारी की नजर व मॉनिटरिंग होती रहेगी।

हेल्प डेस्क की शुरुआत पुलिस कर्मियों की समस्या का निराकरण करने लिए किया गया है। ४ दिनों में ४८ आवेदन प्राप्त हुए हैं। छुट्टी व वेतन विसगंति के मामलों में मिले आवेदन का निराकरण तत्काल प्रभाव से किया जा रहा है। अब तक ९० प्रतिशत आवेदन जा चुका है।

-संजय ध्रुव, एडिशनल एसपी ग्रामीण

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