
raily nikalte jain samaj
बिलासपुर. सकल जैन समाज द्वारा शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी को ‘पर्यटन स्थल' घोषित किए जाने के विरोध में अभूतपूर्व मौन जुलूस रैली निकालकर कलेक्टर के मध्यम से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन मंत्री, मुख्यमंत्री झारखंड सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। मौन रैली में जैन श्वेतांबर समाज, तेरापंथी जैन समाज, गुजराती जैन समाज, वंदे मातरम् समूह, हिंदू सेना समाज का भी समर्थन प्राप्त हुआ।
भारत के झारखंड प्रदेश में स्थित सम्मेद शिखरजी जो प्राचीन काल से संपूर्ण जैन समाज के आस्था का केंद्र रहा है। यह शाश्वत तीर्थ क्षेत्र जैनों का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है। यह तीर्थ स्थल जैनों के 24 में से 20 तीर्थंकरों की मोक्ष स्थली है, इसके साथ ही सैकड़ों मुनि महाराज भी यहां से देवलोक को गमन किए हैं। यहां का कण कण समूचे विश्व के समस्त जैनियों के लिए पूजनीय है। ऐसे शाश्वत तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित कर उसी तीर्थ की प्राचीनता एवं पवित्रता को नष्ट करने का निर्णय झारखंड सरकार के अनुमोदन से केंद्र सरकार के केंद्रीय वन मंत्रालय लिया गया है, जिसकी अधिसूचना 5 अगस्त 2019 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित की गई है। यह निर्णय सकल जैन समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। इस हेतु सकल जैन समाज बिलासपुर की बैठक आहूत की गई जिसमें समाज के सभी मुख्य प्रतिनिधि शामिल हुए और सरकार के इस निर्णय के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कुछ संगठित प्रयास करने का निर्णय लिया गया इस बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 21 दिसंबर 2022 को एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपने हेतु सकल जैन समाज की मौन रैली प्रात: 11:30 जैन वेयर हाउस रोड स्थित कीर्ति स्तम्भ से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई और साथ ही साथ भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वनमंत्री एवं मुख्यमंत्री झारखंड सरकार को भी एक ज्ञापन सौंपा गया । इस अवसर पर समाज के सभी प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए और सकल जैन समाज ने एक साथ आकर सरकार के इस निर्णय का विरोध किया। इस निर्णय के विरोध में सम्पूर्ण भारत में जैन समाज द्वारा अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर मौन जुलूस रैली निकालकर सरकार के फैसले का विरोध किया जा रहा है। बिलासपुर दिगंबर जैन समाज के अलावा श्वेताम्बर समाज, गुजराती जैन समाज, तेरापंथी समाज, वन्दे मातरम् समूह एवं विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी इस मौन रैली को अपना समर्थन दिया है। सभी जैन समाज के बंधुओं ने अपने व्यावसायिक संस्थानों को आधा दिवस अवकाश रखकर एवं नौकरीपेशा लोगों ने बुधवार को एक दिन का अवकाश लेकर इस अभियान को सार्थक और सफल बनाया। इस मौन रैली में सकल जैन समाज बिलासपुर के छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों, महिलाओं सभी ने हिस्सा लिया और सरकार के इस निर्णय के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
मौन रैली में इन संगठनों के लोग रहे शामिलÑ मौन रैली में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल, वंदे मातरम् मित्र मंडल के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे। जिनमें प्रदीप देशपांडे, डॉ विनोद तिवारी, डॉ ललित मखीजा, प्रदीप शर्मा, डॉ प्रफुल्ल शर्मा, एस. एन तिवारी, दीपक सिंह, प्रकाश लाल, श्याम पटेल,राजीव अग्रवाल,दीपक सोनी, डॉ गायत्री पांडेय, यतींद्र मिश्रा, बालगोविंद अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, किरन सिंह, महेन्द्र सोनी, बैजनाथ राय, मुकेश अग्रवाल, चंदन कनोदिया, पंकज श्रीवास, बी. पी. राव पृथ्वी सिंह सहगल, सौरभ दुबे, किशोर दयालानी, मुरलीधर रेलवानी, राजेश मित्तल प्रमुख थे।
Published on:
22 Dec 2022 12:14 pm

