
बिलासपुर. कवि सतीश पांडे की नवीन कृति ‘कभी अलविदा ना कहना’ का विमोचन डॉ. विनय पाठक अध्यक्ष राजभाषा आयोग मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अजय पाठक ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश चंद्र भूषण वाजपेयी और डॉ. सोमनाथ यादव पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि इनकी कविता में परिपक्वता दिखाई दे रही है। उनकी रचना में दिए संदेश समाज को नई दिशा देंगे। अध्यक्षता कर रहे डॉ. अजय पाठक ने कहा कि ऐसा पढ़ो कि क़ुछ लिख सको और ऐसा लिखो कि कुछ पढ़ सको। न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेयी ने बताया कि उद्यान उपनाम पहली बार सुना और वास्तव में सतीश उद्यान जैसे जीवंत व्यक्ति हैं। बिलासा कला मंच के संस्थापक डॉ सोमनाथ यादव ने कहा कि सतीश ना सिर्फ पेड़, पौधे लगवाते हैं बल्कि निरंतर साहित्य साधना भी करते रहते हैं। बिलासा कला मंच के सहसचिव रामेश्वर गुप्ता ने बताया इस अवसर पर नगर के साहित्यकार, बिलासा कला मंच के सदस्य राजेन्द्र मौर्य, डॉ. सुधाकर बिबे, महेश श्रीवास, सनत तिवारी, रामेश्वर गुप्ता, राघवेंद्र धर दीवान, नरेंद्र कौशिक, देवानंद दुबे, अजय शर्मा, डा.ॅ जीडी पटेल, राघवेंद्र दुबे, दिनेश्वर जाधव, सुनील तिवारी, विक्रम सिंह, आनंद प्रकाश गुप्त, बद्री कैवर्त, सहदेव कैवर्त, डॉ. अनिता सिंह एवं सतीश पांडे के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
Published on:
22 Jul 2018 07:26 pm
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