
अब सेशन कोर्ट भी कर सकेंगे इन मामलों की सुनवाई, High Court ने दिया आदेश, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
बिलासपुर. एक प्रकरण में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा है कि, मानवाधिकार हनन का मामला सत्र न्यायालय भी सुन सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। भूमि पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन अवैध निर्माण करने के मामले में जशपुर जिला कोर्ट ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत परिवाद निरस्त कर दिया था।
जशपुर स्थित भूमि खसरा क्रमांक 3439 संजय कुमार सोनी के अधिकार की भूमि है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, जशपुर ने अपने निर्णय 29 जनवरी 1990 द्वारा उन्हें जमीन का स्वाधिकारी घोषित किया। इसके बाद भी प्रतिपक्षी सुरेश प्रसाद सोनी ने किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना उक्त भूमि पर 3 फरवरी 2019 से निर्माण चालू कर दिया।
वह जमीन पर स्थित पुराने इमारती व फलदार वृक्षों को उखा?ने लगा। परिवादी संजय सोनी ने संबंधित थाना एवं राजस्व अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई ना होने पर परिवादी ने सत्र न्यायालय, जशपुर के समक्ष धारा 30 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अंतर्गत परिवाद लगाया।
न्यायालय ने बिना कोई साक्ष्य और गुणदोष पर विचार किए सरसरी तौर पर इसे 22 जून 2023 को निरस्त कर दिया। इसके विरुद्ध परिवादी ने अधिवक्ता एएन भक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की।इसमें निवेदन किया कि राज्य शासन ने चीफ जस्टिस से विमर्श के बाद प्रदेश के सभी सत्र न्यायालयों को मानव अधिकार हनन के मामले सुनने का अधिकार दिया गया है, जिसकी सत्र न्यायालय जशपुर ने अनदेखी की
Published on:
21 Sept 2023 04:03 pm
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