
श्रीराम की शरण में जाने वालों का भवसागर लग जाता है पार
बिलासपुर. जीवन की नैय्या पार करनी है, तो भगवान श्रीराम की शरण में जाना चाहिए। भगवान राम ही हैं जो हर किसी का नैय्या पार लगाते हैं। केंवट को जब भगवान से मिलने का अवसर मिला। उनकी शरण में जाने का अवसर मिला। उसने खुद की नैय्या तो पार लगाई ही। साथ ही साथ अपने साथ पूरे गांव व अपने पितरों को भी तर्पण कर मोक्ष दिया। भगवान राम की शरण में आकर अहंकारी का अहंकार भी खत्म हो जाता है और उसका जीवन धन्य हो जाता है। यह बातें सोमवार को संत चिन्मयानंद बापू ने श्री राम कथा के दौरान श्रद्धालुओं से सीएमडी कॉलेज मैदान में राम कथा सुनाते हुए कही। श्री भगवान परशुराम सेवा समिति एवं हिंदू मंच की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन संत चिन्मयानंद बापू ने भगवान श्री राम के वन गमन की कथा को विस्तार से सुनाया। उन्होंने केंवट संवाद को सुनाते हुए कहा कि भगवान राम के चरणों को धोने का अवसर पाने के लिए माता सीता व भाई लक्ष्मण तरसते थे दोनों को एक-एक पांव की सेवा का ही अवसर मिलता था लेकिन केंवट एेसा भाग्यशाली था जिसने भगवान श्रीराम को गंगा पार कराने के पहले ही उनके चरण धोने का अवसर प्राप्त किया। केंवट ने प्रभु को नाव में चढऩे के लिए अपने ऊपर से जाने कहा, ताकि उनके पैरों में धूल न लगे। लेकिन एेसा नहीं था, केंवट तो प्रभु के चरणों के नीचे रहना चाहता था और यह चाहता था कि उसके मन में कभी भी अहंकार का भाव न आए और वे सदैव ही प्रभु के सुमिरन में रह सके। इस दौरान संत ने भाव-विभोर कर देने वाली बातें कहते हुए भक्तों को भक्ति में लीन कर दिया। इस अवसर पर मनोज तिवारी, राजा अवस्थी, चंद्रचूर्ण त्रिपाठी, उत्कर्ष दुबे, गोपाल दुबे, प्रिंस भाटिया, इंद्रपाल सिंह भाटिया, शैलेष पांडे, डॉ. आशुतोष तिवारी, सुभाष अग्रवाल, पुष्पा सैनी, रघुनाथ दुबे, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. विवेक बाजपेयी, सुभाष अग्रवाल, पुष्पा माली, प्रफुल्ल शर्मा, अमित तिवारी, संदीप पांडे, रितेश शुक्ला, अशोक भंडारी, देवेन्द्र सिंह, जवाहर सराफ, ब्रजेश शर्मा उपस्थित रहे।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सीता राम चरण रति मोहे, सखी रे मैं तो प्रेम दीवानी दर्द न जाने कोई जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय कर दिया। भक्त भी झूमते हुए प्रभु के जयघोष करते हुए भक्ति करते रहे। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान श्री राम की भक्ति में लीन दिखे।
मिनोचा कॉलोनी पहुंचे
संतश्री चिन्मयानन्द बापू आशीर्वाद देने मिनोचा कालोनी निवासी त्रिपाठी परिवार के घर गए। इस अवसर पर पीके त्रिपाठी, मालती त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, चंद्रचूड़ त्रिपाठी , अंकिता त्रिपाठी, प्रतिभा मिश्रा सहित बच्चोँ ने भी आशीर्वाद लिया।
Published on:
02 Oct 2018 03:37 pm
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