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एक गुपचुप वाला आया था, बोला अपने बच्चे को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहता हूँ, उसके बाद 18 साल से हर साल दे रहे निःशुल्क शिक्षा

ज्ञानदान: हर साल 50 बच्चों को दे रहे निशुल्क शिक्षा (Teachers' Day 2019)

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एक गुपचुप वाला आया था, बोला अपने बच्चे को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहता हूँ, उसके बाद 18 साल से हर साल दे रहे निःशुल्क शिक्षा

एक गुपचुप वाला आया था, बोला अपने बच्चे को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहता हूँ, उसके बाद 18 साल से हर साल दे रहे निःशुल्क शिक्षा

बिलासपुर. पिछले 18 वर्षों से गरीब और माध्यम वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का बीड़ा उठाया हैं वसीम खान ने। करीब 20 वर्ष पूर्व उन्होंने कोचिंग क्लास की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि एक बार एक गुपचुप बेचने वाला मेरे पास आया और अपने बच्चे को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाने की बात की, लेकिन फीस अधिक होने के कारण बच्चे को भर्ती नहीं कर पाने की वजह बताई। वसीम खान ने तुरंत उसके बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने की बात कहकर अपने स्कूल में भर्ती करा दिया। तब से लेकर अब तक हर वर्ष 50 से अधिक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। अब तक उनके स्कूल में सैकड़ों बच्चे पढकऱ शहर के नामी स्कूल में दाखिल लेकर आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। (Teachers' Day 2019)

सरकारी स्कूल के बच्चों को देते हैं नि:शुल्क कोचिंग
वसीम खान ने बताया कि हमारे जमाने में निजी स्कूल का चलन नहीं था। हम सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर शिक्षित हुए हैं। जब से निजी स्कूल का चलन बढ़ा हैं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ठप होती जा रही है। उन्होंने बताया कि मैं आज भी सरकारी स्कूल के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देता हैं, जिससे मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है और बच्चे भी खुश हो जाते हैं। इसके अलावा मेरे स्कूल में भी बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययन करने आते हैं।