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‘परीक्षित की तरह मोक्ष पाना है तो भागवत अवश्य सुने

भागवत महापुराण कथा का हुआ समापन:

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'Tested like liberation, Bhagvat must listen

'परीक्षित की तरह मोक्ष पाना है तो भागवत अवश्य सुने

बिलासपुर. मोक्ष की कामना प्रत्येक मनुष्य करता है, लेकिन सभी को सही राह नहीं मिलती है। भागवत महापुराण कथा एक एेसा मार्ग है जो प्रत्येक को मोक्ष की ओर ले जाती है। राजा परीक्षित को मिले श्राप से हुई मृत्यु के बाद भी कथा सुनने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए कलयुग में मोक्ष की कामना करते है तो श्रीमद् भागवत महापुराण कथा से श्रेष्ठ मार्ग कोई नहीं है। यह बातें शनिवार को तोरवा में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में कथावाचक आचार्य पंडित विकास शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहीं। तोरवा में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का समापन शनिवार को हुआ। कथावाचक आचार्य पंडित विकास शास्त्री ने परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों में सर्प के डसने से मृत्यु होने का श्राप मिला और उन्होंने इन सात दिनों में ही श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर मोक्ष को प्राप्त कर भगवान के बैकुंठ धाम को चले गए। इस कलयुग में भी मनुष्य श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर अपना कल्याण भी कर सकते हैं। इस कलयुग मे भी मनुष्य भगवान के नाम स्मरण मात्र से भगवत् शरणागति की प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना सकते हंै। इसके बाद भागवत महापुराण की आरती भक्तों ने भक्तिभाव से ओत-प्रोत होकर की। इस अवसर पर छऊरा यादव, भागवत यादव, दिनेश यादव, प्रमोद यादव, महेश यादव, संदीप यादव, करण, अश्वनी, अनिकेश, राहुल, आयुष, आशु, तनीश, मनीष, शन्नी, गोपाल, कृष्ण, निक्की, अभिषेक यादव आदि उपस्थित थे।
हवन की पूर्णाहुति कर ग्रहण किया प्रसाद
भागवत महापुराण कथा का समापन हवन-पूर्णाहुति के साथ हुआ। मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं ने हवन-पूर्णाहुति की। इसके बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण भंडारे के माध्यम से किया गया।