बिलासपुर. बिलासपुर में दम तोड़ता अमृत मिशन, क्या साल 2023 में प्रोजेक्ट होगा पूरा इस पर संसय की स्थिति बनी हुई है। बिलासपुर शहर में “नौ दिन चले अढ़ाई कोस” की तर्ज पर चल रहा शहर में अमृत मिशन योजना का काम. शहरवासियों को शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध कराने राज्य सरकार ने शहर से 30 किलोमीटर दूर खूंटाघाट जलाशय से पानी लेकर फिल्टर कर उसे टैप नल के माध्यम से घरों तक पहुंचाने अमृत मिशन योजना की शुरुवात की थी. इस योजना के शुरू होने से दो फायदे होंगे. पहला तो ये की सर्फेस वाटर का सदुपयोग के साथ व्यर्थ होने वाले पानी का उपयोग होगा. वहीं दूसरा फायदा ये कि ग्राउंड लेवल वाटर को भविष्य के लिए बचाया जा सकेगा. लेकिन योजना की लेटलतीफी से आम जनता इसके फायदे से महरूम हो रहा है. बिलासपुर में दम तोड़ता अमृत मिशन, क्या साल 2023 में प्रोजेक्ट होगा पूरा होगा।
योजना में खामी भी है- योजना को लेकर एक बड़ी खामी की बात भी बार-बार सामने आ रही है। जिस अहिरन नदी से खारंग जलाशय तक पानी लाने और जलाशय से शहर में पानी सप्लाई करने की योजना है उसमें अहिरन, खारंग परियोजना को अभी स्वीकृति ही नहीं मिली है। मतलब अमृत मिशन योजन का काम पूरा कर भी लिया जाता है तो अकेले खारंग से पानी की आपूर्ति नहीं की जा सकेंगी। ऐसे में इसे लेकर भी बार-बार योजना के प्लानिंग पर सवाल खड़े होते हैं।