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एयरपोर्ट से 3 मिनट के अंतर में दो फ्लाइटों ने भरी उड़ानें

  बिलासपुर. बिलासा दाई एयरपोर्ट में अब एक साथ 2 एटीआर के पैंसेंजरों को हैंडल कर सकता है। रविवार को इसे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा। रविवार को सुबह पहली बार ऐसा हुआ जब 15 मिनट के अंतराल में दिल्ली प्रयागराज बिलासपुर और दिल्ली जबलपुर बिलासपुर फ्लाइट एयरपोर्ट में उतारी और पैंसेंजरों को लेकर कुछ देर के बाद 3 मिनट के अंतराल में दोनों फ्लाइटें उड़ान भरकररवाना हो गईं।

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एयरपोर्ट से 3 मिनट के अंतर में दो फ्लाइटों ने भरी उड़ानें

एयरपोर्ट से 3 मिनट के अंतर में दो फ्लाइटों ने भरी उड़ानें

बिलासपुर एयरपोर्ट में अब लगातार हो रहे विकास का परिणाम दिखने लगा है। रविवार को बिलासा दाई एयरपोर्ट में दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर और दिल्ली -जबलपुर- बिलासपुर फ्लाइटे आती हैं। दिल्ली-जबलपुर-बिलासपुर फ्लाईअ का आने का समय 11 बजे है और यह करीब 12.10 बजे एयरपोर्ट उतरी। इसके साथ ही दूसरी फ्लाईट दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर के आने का समय 11.55 बजे हैं और यह करीब 12 बजे एयरपोर्ट में उतरी। दोनो फ्लाइटों को वापस व्हाया जबलपुर और व्हाया प्रयागराज होते हुए दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। बिलसपुर प्रयागराज दिल्ली फ्लाईट में 59 पैसेंजर जाने वाले थे और बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली फ्लाईट में 36 पैसेंजर थे। 12.40 बजे बिलासपुर-प्रयागराज- दिल्ली फ्लाइट ने उड़ान भरी। इसके 3 मिनट के भीतर ही बिलासपुर- जबलपुर- दिल्ली फ्लाइट ने जबलपुर के लिए उड़ान भरी। एयरपोर्ट में पहली बार ऐसा हुआ जब 3 मिनट के अंतर में दो फ्लाइटो ने उड़ान भरी।

उड़ान भरने से पहले ही दूसरी फ्लाइट पहुंची रनवे तक
बिलासा दाई एयरपोर्ट में रविवार को प्रयागराज के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट रनवे पर दौड़ रही थी और उड़ान नहीं भर पाई थी, तभी पीछे रनवे पर जबलपुर के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट रनवे तक पहुंच चुकी थी।


यह है कम समय में उड़ान भरने के लिए व्यवस्था

0. टर्मिनल बिल्डिंग का बड़ा किया जाना, इससे पैसेंजरों को पर्याप्त रूप से बैठने की व्यवस्था थी।
0. डिपार्चर हॉल के बड़ा होने से यहा पैसेंजरों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

0. सिक्यूरिटी चेक पाइंट बढ़ने और दो लगेज स्कैनिंग मशीनों के कारण कम समय में जांच हुई।
0. एप्रन बढ़ा गया, जिससे दो प्लाइटें एक साथ खड़ी थी और तीसरी फ्लाइट के लिए पर्याप्त जगह थी।


डिपार्चर हॉल बड़ा कर दिया गया है साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग भी बड़ी हो गई है, इससे दो फ्लाइट हैंडल करने में सुविधा मिल रही है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ कम समय में फ्लाइटें आने के बाद 3 मिनट के अंतराल में उड़ान भरी हैं। नाइट लैंडिंग का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

बिरेन सिंग
एयरपोर्ट डायरेक्टर