
बिलासपुर. शहर सीमा से लगे गांवों में मासूम बच्चों को नशीला चाकलेट और पिपरमेंट खिलाकर उनकी जान को जोखिम में डालने की सिलसिलेवार घटना के बाद भी पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है। तीन घटनाओं के बाद पुलिस अभी तक जनजागरण और निगरानी ही कर रही है। आखिर इसके पीछे कौन सी ताकत काम कर रही है यह ताकत मासूमों को ही क्यों निशाना बना रही है, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। पुलिस ने जेल से छूटे अपहरण कांड के आरोपी की तस्दीक कराई पर कुछ हासिल नहीं हुआ अब महिला दुकानदार और स्कूल की शिक्षिकाओं के बताए हुलिए के मुताबिक आरोपी की स्केच बनवाने और चाकलेट तथा पिपरमेंट की पुलिस के फारेंसिक लैब में जांच कराने की तैयारी की जा रही है। शहर सीमा से लगे ग्राम खमतराई और हिर्री क्षेत्र के ग्राम मेड़पार के बाद अब बुधवार को शहर से लगे ग्राम अमेरी में 10 बच्चों को संतरा वाला नशीला पिपरमेंट खिलाने का मामला सामने आया है। इस घटना में चाकलेट और पिपरमेंट तथा आरोपियों के चेहरे बदले हैं, लेकिन हरकत व मकसद वही है बच्चों को अस्पताल पहुंचाना, ये तो सुखद बात है कि नशीली चाकलेट और पिपरमेंट से अभी तक बच्चे सिर्फ बेहोश होकर अस्पताल पहुंचे हैं किसी की जान नहीं गई है, लेकिन इस घटना ने शहरवासियों को झंकझोरकर रख दिया है।
मामला मासूम बच्चों की जान से जुडऩे के कारण हर घर से जुड़ा है जिसकी वजह से शहर से लेकर गांव तक दहशत का माहौल है। सिलसिलेवार तीन घटनाओं के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक न तो आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सुराग लग सका है और न ही इस तरह की घटना के पीछे आरोपियों व इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिलाने वाले व्यक्ति की मंशा ही समझ आ रही है पुलिस खुद सांसत में है कि आखिर इस तरह की घटना के पीछे वजह क्या है और कौन लोग हैं।
बनवाया जाएगा स्कैच : खमतराई और मेड़पार में पीडि़त बच्चों और गांव वालों के विरोधाभासी बयान के कारण पुलिस को मामले को सुलझाने में कोई खास मदद नहीं मिल पाई, लेकिन अमेरी में बाइक से आए इकलौते आरोपी ने स्कूल के सामने दुकान में बैठी महिला से चर्चा की और उनके बच्चों को खाने के लिए यह कहकर संतरावाला पिपरमेंट दिया कि नवरात्रि का प्रसाद है। असर होने से पकड़े जाने का डर था,इसलिए उसने बच्चों को सादा पिपरमेंट दिया लेकिन उसके बाद स्कूल के अंदर बच्चों को जो पिपरमेंट दिया गया उस पर पीले कलर की लकीर खींची हुई थी, जिससे एेसा लगता है कोई नशीली दवाई पिपरमेंट के ऊपर लगाया गया है जिसे खाते ही स्कूली बच्चे बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल लाना पड़ा। बताया जाता है कि स्कूल की शिक्षिका ने उसे बिना अनुमति पिपरमेंट देने से रोका भी तब वह यह कहकर रुक गया कि कल अनुमति लेकर बांटने आएगा, उसके जाते ही बच्चे बेहोश होकर गिरे। पुलिस ने दुकानदार महिला और शिक्षिका के बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी का स्कैच बनवाने का निर्णय लिया है।
मुस्तैद रही पुलिस : शहर और शहरसीमा से लगे गांवों की पुलिस सुबह से ही स्कूलों के सामने मुस्तैद रही इसके अलावा साइबर सेल को भी शहर के स्कूलों में निगरानी के लिए लगाया गया। एडीशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने स्टाफ से लोकेशन लेकर मौके पर चेक भी किया लेकिन पुलिस को कहीं से कोई सफलता नहीं मिल सकी।
ये वो नहीं है : सरकंडा नूतन चौक के पास ड्रीमलैंड स्कूल के पास से दो सगे भाई स्कूली छात्र के अपहरण के मामले में पकड़ा गया आरोपी हाल ही में जेल से जमानत पर रिहा हुआ है। इस बात की जानकारी होने पर पुलिस ने गुरुवार को उसे धरदबोचा पुलिस आरोपी को अमेरी और फिर मुड़पार ले गई और शिक्षिकाओं तथा महिला दुकान संचालक से पहचानने को कहा लेकिन सभी ने कहा दिया कि ये वो नहीं है।
ये भी हो सकता है : पुलिस अलग-अलग संभावनाओं पर जांच कर रही है, अभी तक की जांच से पुलिस का मानना है कि या तो आरोपी कोई नशेड़ी होगा या फिर कोई शातिर व्यक्ति इस काम को संचालित कर रहा है। वह अलग-अलग लोगों को नशीला चाकलेट और पिपरमेंट लेकर बच्चों के पास भेज रहा है ये भी हो सकता है कि आरोपी बच्चों में नशे की लत लगाने के लिए यह सब कर रहा हो।
नशीले चाकलेट कांड को लेकर पेंड्रा तक दहशत, कीचड़ से सराबोर मिली चाकलेट : नशीला चाकलेट और कैंडी कांड को लेकर शहर से लेकर गांव तक हड़कंप मच गया है। पेंड्रा थाना पुलिस ने गौरेला रोड पर सड़क किनारे कीचड़ से सना चाकलेट और चिंगम जब्त किया है। एेसा माना जा रहा है कि एक्सपायरी डेट का होने और लगातार इसको लेकर मामला सामने आने के कारण भयवश किसी ने इसे फेंका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पेंड्रा थाना पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली कि गौरेला रोड पर सड़क किनारे कीचड़ में बड़ी मात्रा में चिंगम और चाकलेट पड़ा हुआ है, सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से कीचड़ से सराबोर ट्विस्ट कंपनी का चाकलेट और बबलगम को धारा 102 के तहत जब्त कर लिया है। पुलिस का मानना है कि लगातार बच्चों को चाकलेट और कैंडी देने के बाद नशे के झोंक में अस्पताल पहुंचने का मामला सामने आने के बाद किसी भयभीत व्यापारी ने इस चाकलेट और चिंगम को यहां कीचड़ में फंेका है, ताकि वह इसके साथ पकड़ा न जा सके। सभी चाकलेट और चिंगम सन् 2012-13 का है एक्सपायरी डेट का होने के कारण इसे यहां कीचड़ में फेंका गया है।
Published on:
06 Oct 2017 11:44 am
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
