
रायपुर। राज्य महिला आयोग में हर सप्ताह दर्जनों प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। शुक्रवार को एक प्रकरण में पति-पत्नी आपसी सहमति से विवाह बंधन से मुक्त होने पर सहमति दी। अलग होने के एवज में पति ने पत्नि को एकमुश्त भरण पोषण के लिए नौ लाख रुपए देने पर सहमत हुआ। आयोग ने दोनों पक्षो को कहा है कि भविष्य में इस प्रकरण से संबंधित आवेदन कही और प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। इस शर्त के उल्लंघन पर आयोग द्वारा जारी आदेश स्वत: निरस्त माना जाएगा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने शुक्रवार को जिलों की महिलाओ द्वारा दिए गए आवेदनों की आयोग कक्ष में जन सुनवाई की।
रांची पढाई के लिए गई छात्रा की आत्महत्या का प्रकरण दर्ज
सूरजपुर निवासी छात्रा की बिहार रांची में आत्महत्या के प्रकरण में परिजनों ने राज्य महिला आयोग में मृतका के मृत्यु पर कार्रवाई करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में उपस्थित मृतक के सहपाठियों ने मृतक छात्रा के संबंध में अध्यक्ष को विस्तार पूर्वक जानकारी दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। अध्यक्ष ने छात्राओं को महिला अधिकारों से अवगत कराते हुए, इन अधिकारों का भविष्य में गलत उपयोग नही करने की सलाह दी।
बिना तलाक के महिला ने कर ली दूसरी शादी
आयोग ने महिला द्वारा बिना तलाक के आर्य समाज मे दूसरी शादी करने को गंभीर अपराध माना। इसके लिए आयोग के अध्यक्ष ने महिला को न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने कहा। इसके साथ-साथ महिला को उनके दोनों बच्चों से मिलने के लिए महिला के वकील की मध्यस्थता में एक घंटा मिलने देने पर सहमत हुए।
Published on:
09 Jan 2021 04:30 pm

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