
बिलासपुर. आदि शक्ति मां अंबे की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होगा। पहले दिन घट स्थापना के साथ ही घरों, पंडालों और मंदिरों में मां की आराधना शुरू होगी। गरबों की धूम भी रहेगी, वहीं मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। इस बार नवरात्रि में विशेष योग-संयोग बन रहे हैं जो व्यापार, स्टार्टअप, बाजार की प्रगति करने वाले साबित होंगे। दूसरी ओर एक भी तिथि का क्षय नहीं होने पर पूरे नौ दिन की नवरात्रि होगी।
ज्योतिष एवं वास्तुविद पं. जानकीशरण मिश्र के अनुसार 15 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र एवं तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। ग्रह गोचर की गणना से देखें तो सूर्य बुध का कन्या राशि में गोचर करना बुधादित्य योग की स्थिति बनाता है। संयोग से इसी दिन रविवार भी है, इस दृष्टिकोण से यह स्थापना के साथ साधना की सफलता के नए आयाम दे सकेगा। इधर तिफरा स्थित काली मंदिर, जरहाभाठा स्थिति मां दुर्गा मंदिर, दयालबंद स्थित देवी मंदिर, हरदेवलाल देवी मंदिर में सुबह से मां की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। रतनपुर स्थित शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में भी श्रद्धालुओं का रेला उमड़ेगा।
बुधादित्य योग का महत्व
पं. ओंकार अग्रिहोत्री के अनुसार इस बार नवरात्रि पर कोई भी तिथि का क्षय नहीं है, इस दृष्टिकोण से यह विशेष शुभ व लाभकारी रहेगी। नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा पर बुधादित्य योग का संयोग बन रहा है। रविवार का दिन और बुधादित्य योग अपने आप में महत्वपूर्ण है। पराक्रम, प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए प्रतिपदा से नवमी पर्यंत की साधना लाभ प्रदान करेगी।
स्टार्टअप समेत बाजार में आएगा उछाल
घटस्थापना के ठीक दूसरे दिन शनि का धनिष्ठा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश होगा। 17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होगा। वहीं शुक्र पूर्वा फाल्गुनी में प्रवेश करेंगे। 18 अक्टूबर को बुध तुला में प्रवेश करेंगे। इस दृष्टि से नक्षत्र व राशि के परिवर्तन व्यापार व्यवसाय की रूपरेखा को तय करने वाले होंगे। इस अवसर पर बाजार की स्थिति में उछाल की संभावना है। वहीं शनि का नक्षत्र चरण परिवर्तन रुके कार्य में गति बढ़ाएगा। शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन समृद्धि के द्वार खोलेगा। बुध का तुला राशि में प्रवेश व्यापार को आगे बढ़ाएगा। स्टार्टअप्स में बढ़ोतरी होगी।
घट स्थापना मुहूर्त
15 अक्टूबर को प्रतिपदा पर घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त पूर्वाह्न 11.40 बजे से दोपहर 12.48 बजे तक रहेगा।
मनोकामना ज्योति कलश होंगे प्रज्ज्वलित
पंडितों के अनुसार नवरात्रि पर मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित कराने सुख-शांति व समृद्धि मिलती है। यही वजह है कि पर्व पर शहर स्थिति हर देवी मंदिर में इस बार भी बढ़चढ़ कर ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित किराए जाएंगे। श्री सिद्ध पीठ मां महामाया मंदिर रतनपुर में ट्रस्ट के प्रबंधक पं. अरुण शर्मा के अनुसार इस साल नवरात्र में नयापन लाने के लिए पूरे मंदिर परिसर को फूल मालाओं और लाइटिंग से भव्य रूप से सजाया गया है। 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे घट पूजा की जाएगी, उसके बाद मंदिर परिसर परिसर में 29000 मनोकामना दीप प्रज्वलित कर दिए जाएंगे। इसमें लगभग 24000 तेल के दीपक और 5000 घी के होंगे। सप्तमी, अष्टमी पर पद यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रतनपुर से बिलासपुर तक 50 बसों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे यहां दर्शन के बाद पदयात्री आराम से बिलासपुर पहुंच सकें।
Published on:
15 Oct 2023 12:03 pm
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