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कामकाजी महिलाओं की प्रेग्नेंसी से जुड़े भ्रम व सच

अब महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान रेगुलर काम करती नजर आती है। अब मां बन रहीं महिलाएं लगातार ये साबित कर रही हैं कि यह समय घर बैठकर महज आराम करने का नहीं बल्कि सेहत के पैमानों का खयाल रखते हुए वर्क प्लेस पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने का है। जानते हैं पेशेवर महिलाओं की प्रेग्नेंसी से जुड़े भ्रम और एक्सपर्ट के जवाब।
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pregnancy working women

भ्रम : देर तक बैठकर काम करना सही नहीं?
सच : ऐसा नहीं है, यदि गर्भवती महिला एक निश्चित अंतराल में सीट से उठकर चल-फिर लेती है तो यह व्यायाम करने जैसा ही है। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास में मदद मिलती है। प्रेग्नेंसी में सिर्फ आराम करने से वजन बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर की दिक्कत होने से डिलीवरी में परेशानी आ सकती है।
भ्रम : हील्स पहनने की मनाही?
सच : कई बार बैलेंस बिगडऩे से पैर स्लिप होने, मुडऩे या गिरने का डर रहता है ऐसी स्थिति में बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए डॉक्टर प्रेग्नेंसी में हील्स पहनने से मना करते हैं। अगर आप कॉन्फिडेंस के साथ हील्स पहन सकती हैं तो इसके लिए कोई मनाही नहीं है।
भ्रम : टाइट कपड़े हैं नुकसानदायक?
सच : ऐसा नहीं है। प्रेग्नेंसी में बच्चा गर्भ में पूरी तरह से सुरक्षित होता है। टाइट कपड़े पहनने से उसके विकास या मूवमेंट पर कोई असर नहीं पड़ता। अगर मां इस तरह के कपड़ों में आराम महसूस करती है तो वह इसे पहन सकती है।
भ्रम : काम का बोझ सेहत पर भारी!
सच : तनाव सेहत के लिए ठीक नहीं। दफ्तर में हैं तो लोगों से मिलें व खुश रहें। इससे तनाव कम होता है। लेकिन ध्यान रखें कि काम क्षमता के अनुसार ही करेंं वरना मां और बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है।
भ्रम : वर्किंग वीमन के लिए आराम जरूरी है?
सच : गर्भावस्था में आराम जरूरी है क्योंकि इससे बच्चे को विकास करने में मदद मिलती है इसलिए प्रेग्नेंसी के समय आठ से दस घंटे की नींद जरूर लें क्योंकि हार्मोंस में बदलाव की वजह से इस दौरान काफी नींद आती है। व्यायाम भी जरूर करें।

डॉ. राखी आर्य, स्त्री रोग विशेषज्ञ