
Shirshasana Benefits: दिमाग को एक्टिव रखने के लिए करें शीर्षासन
Shirshasana Benefits In Hindi: सिर के बल उल्टा हाेकर किए जाने वाले याेगाभ्यास काे शीर्षासन कहा जाता है। इसमें सिर या हाथों के बल अलग-अलग कोणों में शरीर को उल्टा किया जा सकता है। पूरे शरीर का संतुलन सिर या हाथों पर टिका होता है। योग शास्त्र में इसके कई फायदे बताए हैं। आइए जानते हैं शीर्षासन के फायदाें के बारे में :-
शीर्षासन के फायदे
- शीर्षासन करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है, मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने से दिमाग सक्रिय होता है, ग्रंथियों की कार्य प्रणाली दुरुस्त होती है।
- पेट के अंगों जैसे आमाशय, लिवर, किडनी आदि एक्टिव होते हैं और पाचन तंत्र ठीक रहता है।
- शीर्षासन पिट्यूटरी और पीनियल ग्रंथियों का स्राव नियमित करता है। स्मरण शक्ति, एकाग्रता, उत्साह, स्फूर्ति, निडरता, आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाता है।
-शीर्षासन करने से व्यक्ति लंबे समय तक युवा बना रहता है। इसके अलावा इस आसन को करने से स्किन ग्लो करने लगती है और चेहरे की झुर्रियां भी दूर हो जाती हैं।
विदेशों में भी है क्रेज
विदेशों में शीर्षासन को इन्वर्जन थैरेपी के नाम से जाना जाता है जिसमें फ्लेक्सिबल बिस्तरनुमा टेबल पर यह आसन किया जाता है। पैरों को ग्रिप में बांधने के बाद शरीर को उल्टा लटकाया जाता है। इसमें पूरे शरीर का बोझ सिर या हाथों को नहीं उठाना पड़ता और चोट लगने की आशंका भी कम होती है। डिप्रेशन के शिकार लोगों के लिए भी यह फायदेमंद है।
ये लोग न करें शीर्षासन
जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, हार्ट संबंधी बीमारी, आंखों की कमजोरी, कमर दर्द, गर्दन दर्द और असिडिटी जैसी परेशानियां हैं, वे इस आसन को बिल्कुल भी न करें। अगर यह आसन पहली बार कर रहे हैं तो किसी शीर्षासन योग शिक्षक की निगरानी में ही करें।
Updated on:
20 Feb 2020, 6:21 PM IST
Published on:
20 Feb 2020, 6:21 PM IST
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