
40 के पार जब अक्सर हो तकरार, एेसे रखें अपना खयाल
चालीस साल की उम्र के बाद ज्यादातर महिलाओं के स्वभाव में बदलाव आने लगता है। चिड़चिड़ापन, गुस्सा, तनाव व असंतोष बढ़ने लगता है। नतीजन आए दिन पति या बच्चों के साथ तकरार होने लगती है। इस स्थिति से परिजन ही नहीं खुद महिलाएं भी परेशान रहती हैं।
हार्मोनल बदलाव
यह प्रीमेनोपॉज पीरियड होता है जिसमें मूड स्विंग होने लगते हैं। इससे स्वभाव में बदलाव के साथ-साथ मासिक चक्र में गड़बड़ी, हार्मोन असंतुलन, हॉट फ्लश, एकाग्रता में कमी, नींद न आने की समस्या होने लगती हैं। ऐसा एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट की कमी से होता है।
सामाजिक बदलाव
बच्चे बड़े हो जाते हैं और पढ़ाई या करियर की वजह से बाहर रहने लगते हैं। वे मां से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाते। जिससे मां उपेक्षित महसूस करने लगती है। ऐसे में परिवार के लोगों को महिला को सपोर्ट कर उनकी भावनाओं को समझना चाहिए।
एेसें रखें अपना खयाल
- चालीस की उम्र के बाद अक्सर छोटी- छोटी बातों का तनाव और चिड़चिड़ापन होता है साथ ही दिमाग भी कमजोर होने लगता है। इसके लिए योगा, व्यायाम, मेडिटेशन, संगीत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही वह काम करें जिसे करने में आपको आनंद आता है और जिसमें आपका मन लगता है।
- बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन और एंटीआक्सीडेंट की कमी महसूस होने लगती है। इसलिए भोजन में ऐसी चीजों को अधिक शामिल करें, जो इन सभी पोषक तत्वों की आपूर्ति कर सके।
- इस समय आपके शरीर के सभी अंगों और मांसपेशियों ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए खान-पान को बैलेंस रखें ताकि आपका लिवर सुरक्षित रहे और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर कर सके।
- अत्यधिक गुस्सा और चिंता करने से बचें, साथ ही शारीरिक श्रम भी उतना ही करें, जितना आपके स्वास्थ्य के लिए सही हो। अत्यधिक परिश्रम करने से बचें।
Published on:
14 Feb 2019 10:05 am
