Anurag Kashyap on The Kerala Story : हाल ही में तमिल सुपरस्टार कमल हासन ने 'द केरल स्टोरी' को एक प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया था। उनके बाद डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने भी फिल्म पर बड़ा बयान दिया है।
सुदीप्तो सेन (Sudipto Sen) के निर्देशन में बनी फिल्म 'द केरल स्टोरी' (The Kerala Story) रिलीज के बाद से ही विवादों में घिरी हुई है। हालांकि इन विवादों का फिल्म की कमाई पर कतई असर नहीं पड़ रहा है। जिसके चलते यह बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। हाल ही में साउथ सुपरस्टार कमल हासन (Kamal Haasan) ने अदा शर्मा स्टारर 'द केरल स्टोरी' को प्रोपेगेंडा बताया था। उन्होंने कहा था कि वह प्रोपोगेंडा फिल्मों के खिलाफ हैं। अब इस लिस्ट में डायरेक्टर अनुराग कश्यप का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने फिल्म पर बड़ी बात कह दी है।
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने फिल्म 'द केरल स्टोरी' पर बात करते हुए कहा कि आज के युग में, राजनीति से कोई बचा नहीं है। मौजूदा समय में सिनेमा का गैर-राजनीतिक होना बहुत कठिन है। उन्होंने कहा कि 'द केरल स्टोरी' जैसी बहुत सारी प्रचार फिल्में बनाई जा रही हैं। वह किसी भी चीज पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ हैं, लेकिन वह अपने विचारों पर अडिग हैं कि यह फिल्म वास्तव में एक प्रचार फिल्म है।
सुदीप्तों सेन की फिल्म 'द केरल स्टोरी' पर बात करते हुए अनुराग ने आगे कहा कि एक फिल्म निर्माता के रूप में, वह ऐसी फिल्म नहीं बनाना चाहते हैं जो किसी प्रोपेगेंडा फिल्म का काउंटर लगे या फिर एक एक्टिविस्ट के जैसा साउंड करे। उन्होंने कहा कि वह सिनेमा बना रहे हैं और सिनेमा को वास्तविकता और सच्चाई पर आधारित होना चाहिए।
वहीं जब फिल्म निर्माता से पूछा गया कि क्या वह देश के सामाजिक-राजनीतिक माहौल को देखते हुए अपनी पसंद की फिल्में बना सकते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि अगर आप ईमानदार हैं तो बेशक आप कर सकते हैं। वे ऐसी किसी भी चीज को बंद नहीं कर सकते जो तथ्यात्मक हो और पक्ष नहीं ले रही हो। अनुराग कश्यप ने आगे कहा कि प्रोपेगेंडा फिल्म का काउंटर करने के लिए फिल्म बनाने में बेईमानी भी हो सकती है, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो वे इससे लड़ नहीं सकते।
गौरतलब है कि 'द केरल स्टोरी' को 5 मई को सिनमाघरों में रिलीज किया गया था। हालांकि उस समय फिल्म को समुदायों के बीच तनाव के डर से पश्चिम बंगाल सरकार ने बैन कर दिया था। जबकि तमिलनाडु सरकार ने सिनेमाघरों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और खराब दर्शकों की संख्या का हवाला देते फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने का फैसला लिया था। हालांकि सुप्रीत कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश पर रोक लगाई थी। साथ ही तमिलनाडु सरकार से फिल्म को देखने वालों की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए कहा था।