आपने भी साउथ की हिंदी डब फिल्में देखी होंगी। जिन आवाजों को आप अल्लू अर्जुन, महेश बाबू और यश की आवाज समझते आए हैं। वह उनकी असली आवाज नहीं है बल्कि इसके पीछे होते हैं कई आवाज के जादूगर।
साउथ की फिल्मों का चलन इनके एक्शन और मनोरंजक सिनेमाई स्टोरी लाइन के कारण पूरे देश के दर्शकों के बीच प्रचलित हुआ। दक्षिण भारतीय फिल्मों की हिंदी डबिंग का प्रचलन शुरू होने के बाद बिहार-यूपी जैसे हिंदी भाषी क्षेत्रों के लोग भी इन फिल्मों के दीवाने हो गए। हवा में उड़ती गाड़ियां और गजब के फाइटिंग सीन इन सभी बातों ने साउथ फिल्मों को पूरे देश में प्रचलित कर दिया। साउथ सिनेमा में समाजिक मुद्दों और हास्य फिल्में भी हैं। वैसे, फिल्मों के हिट होने का एक बड़ा कारण इनमें काम करने वाले एक्टर्स को भी माना जाता है. जिस तरह से हिंदी सिनेमा के पास अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र आदि जैसे सुपर स्टार्स रहे हैं। उसी तरह दक्षिण भारतीय फिल्मों को कमल हासन, रजनीकांत, अजित जैसे सुपर स्टार मिले।
लेकिन साउथ की फिल्मों को नॉर्थ में लोकप्रिय बनाने में इन फिल्मों के हिंदी डबिंग आर्टिस्ट का भी बड़ा योगदान होता है। इन्हीं की बदौलत साउथ की फिल्में साउथ के साथ-साथ पूरे देशभर में लोकप्रिय हैं। क्या आप जानते हैं कि साउथ की फिल्मों को हिंदी आवाज कौन देता है? महेश बाबू, अल्लू अर्जुन और रामचरण की आवाज समझकर आप किसे सुनते आए हैं? यहां जानिए कि किस डबिंग आर्टिस्ट ने किस स्टार को आवाज दी है...
संकेत म्हात्रे
संकेत म्हात्रे केवल साउथ की ही नहीं बल्कि हॉलीवुड फिल्मों की भी डबिंग करते हैं। वे देश के सबसे मशहूर डबिंग आर्टिस्ट हैं। संकेत साउथ की हिंदी डबिंग फिल्मों को सबसे ज्यादा आवाज देते हैं। इनकी आवाज को अल्लु अर्जुन, Jr NTR और महेश बाबू की आवाज माना जाता है। इनकी आवाज अल्लू अर्जुन पर सबसे अधिक सूट करती है। ये कई एनिमेटेड फिल्मों को भी अपनी आवाज दे चुके हैं। संकेत ने हाल ही में आई फिल्म 'मास्टर' में थलापति विजय को अपनी आवाज दी है।
सचिन गोले
सचिन गोले ने भी कई साउथ फिल्मों को अपनी आवाज से सजाया है। उनकी आवाज सबसे अधिक KGF स्टार यश पर सूट करती है। उन्होंने यश की कई फिल्मों को अपनी आवाज दी है। आपने केजीएफ में जो हिंदी आवाज सुनी है, वह भी सचिन गोले की है।
विनोद कुलकर्णी
विनोद कुलकर्णी एक बड़े वॉइस ओवर आर्टिस्ट हैं। इन्होंने कई साउथ फिल्मों को अपनी आवाज दी है। साउथ कॉमेडियन ब्रह्मानंदम पर इनकी आवाज खासी मैच करती है। लोग इनकी आवाज को खासा पसंद करते हैं।
अमर बाबरिया
अमर को रवि तेजा और पवन कल्याण की आवाज के तौर पर जाना जाता है। ये एक अच्छे डायलॉग राइटर भी हैं। इन्होंने गोपीचंद को भी अपनी आवाज दी है। इन्होंने कई फिल्मों के लिए डायलॉग्स भी लिखे हैं।
समय राज ठक्कर
समय राज ठक्कर भी एक बड़े डबिंग आर्टिस्ट हैं। इनकी आवाज को नागार्जुन अक्कीनेनी की आवाज माना जाता है। नागार्जुन की कई फिल्मों में समय राज ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। समय राज ने फिल्म बाहुबली के हिंदी संस्करण में कट्टपा को अपनी आवाज दी है।