
National Farmers Day
नई दिल्ली। हर साल राष्ट्रीय किसान दिवस पूरे राष्ट्र में बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ मनाया जाता है। भारत मुख्य रूप से गांवों का देश है। गांवों में रहने वाली अधिकांश आबादी किसानों की है और कृषि उनके लिए आय का मुख्य स्रोत है। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान करीब एक महीनें से आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच एक तरफ आज पूरा देश ‘राष्ट्रीय किसान दिवस’ मना रहा है। किसान दिवस हर साल 23 दिसंबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जन्मदिन पर मनाया जाता है।
आंदोलन के दौरान कई किसानों की हुई मौत
देश की राजधानी दिल्ली में तमाम किसान नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। लेकिन सरकार किसानों की मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान बीते 28 दिनों से बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई किसानों की मृत्यु भी हो चुकी है, इसके बावजूद किसान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
पीएम की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक
नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान यूनियन आगे की बातचीत के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर फैसला आज लेंगे। बताया जा रहा है कि आज सुबह 11 बजे सिंघु बॉर्डर पर एक बार फिर से बैठक होने वाली है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक भी होगी। ये बैठक सुबह 10.30 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुरु होगी। माना जा रहा हे कि इस बैठक में किसानों के मुद्दे पर भी चर्चा की संभावना है।
किसानों के लिए अतुलनीय योगदान
23 दिसंबर को देश के 5वें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में मनाया जाता है। चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर, 1902 को हापुड़ में हुआ था। चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से लेकर 14 जनवरी 1980 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए थे। इसके लिए उन्होंने कई कृषि बिल भी पारित कराए। किसानों के लिए उनका अतुलनीय योगदान रहा है। इसलिए साल 2001 से हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है।
Published on:
23 Dec 2020 09:01 am
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