ग्रामीणों ने खेतों से 18 बंदरों के शव जमा किए। सूचना पर कोतवाली प्रभारी मिथलेश उपाध्याय, एलआइयू के दरोगा मनोज कुमार, वनविभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक ने एक बंदर का पोस्टमार्टम कराने के बाद बाकी बंदरों के शवों को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफना दिए। एक बंदर अचेत अवस्था में मिलने पर उसे बुलंदशहर जिला पशु चिकित्सालय भेज दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति ने खेतों में हानि के चलते खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर बंदरों की हत्या की है। वहीं, खुर्जा में करंट लगने से गाय की मौत को लेकर सीओ खुर्जा गोपाल सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत गांव वालों से मिली है। संबंधित अधिकारी को बुलाकर इसमें जांच कराकर कार्रवाई कराई जा रही है।