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किसान परिवार में पैदा हुए अरविंद दो गोल्ड और दो रजत पदक जीतकर बने हीरो

अरविंद का चयन टोक्यो ओलंपिक के ट्रायल के लिए हुआ इंडियन आर्मी में 54वीं इंजीनियर रेजिमेंट में तैनात हैं अरविंद

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बुलंदशहर. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली रोइंग प्रतियोगिताओं में बुलन्दशहर के गांव खबरा निवासी अरविंद अपनी खास पहचान छोड़ रहे हैं। किसान परिवार में जन्मे अरविंद ने 2016 में स्पोर्ट कोटे से आर्मी जॉइन करने के बाद अपना करियर शुरू किया। अगस्त 2018 में एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के बाद जब वतन वापस लौटे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बुलाकर 5 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।

इंडियन आर्मी में 54वीं इंजीनियर रेजिमेंट के अरविंद अपने खेल की कसौटी पर खरे उतरे और उन्होंने नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड मैडल जीत कर अपने गांव और जिले के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन किया। अरविंद ने एक गोल्ड 500 मीटर में, जबकि दूसरा गोल्ड 2000 मीटर की रोइंग प्रितियोगिता में अपने नाम किया है।

2019 में ऑस्ट्रिया की लिंच सिटी में हुई वर्ल्ड रोइंग चैंपियनशिप में अरविंद ने भारत को 13 स्थान दिलाया था, जबकि अक्टूबर 2019 में भारत को एशियन रोइंग चैंपियनशिप में एक रजत और दिसम्बर 2019 में हैदराबाद में हुई नेशनल चैंपियनशिप में 2 रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। अरविंद के दो रजत जीतने के बाद गांव में खुशी का माहौल है, जबकि खुर्जा उपजिलाधिकारी ईशा प्रिया और खुर्जा क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह ने अरविंद को मय परिवार बुलाया और बधाई देने के साथ ही सम्मानित भी किया।

इस उपलब्धि के बाद अब अरविंद का चयन टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के ट्रायल के लिए हो गया है। जहां ट्रायल में सफल होने के बाद वह देश के लिए ओलंपिक में रोइंग खेलते हुए नजर आएंगे।

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