30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: यहां दशहरा के चार दिन बाद किया जाता है रावण के पुतले का दहन, ये है बड़ी वजह

Highlights . देशभर में जलाया जा चुका है रावण. मंदोदरी की वजह से कल तक जिंदा हैं रावण . मंदोदरी ले जा रही थी अपने मायके

less than 1 minute read
Google source verification
dussehra-wishe

बुलंदशहर. देशभर में दशहरा (dussehra 2019) के दिन रावण के पुतले का दहन किया जा चुका है। यूपी के गौतमबुद्ध नगर जनपद का बिसरख गांव में न रामलीला का मंचन होता है और न ही रावण के पुतले का दहन। गौतमबुद्ध नगर से सटे सिकंदराबाद कस्बे में रावण का पुतला चौदस के दिन दहन किया जाता है।

karwa chauth 2019ः करवा चौथ के दिन सुबह—सुबह पति के हाथ से जरूर पीएं नारियल का पानी, होगा यह फायदा

पुराणों के अनुसार, विजयदशवी के दिन राम ने रावण का वध किया था। बताया जाता है कि रावण के मौत के पश्चात पत्नी मंदोदरी उसके शव को लेकर मेरठ जा रही थी। मेरठ में मंदोदरी का मायका था। मंदोदरी के पिता मृत व्यक्ति को जीवत करने की दवा जानते थे। लेकिन मंदोदरी लंका से लौटते वक्त मेरठ का रास्ता भटक गई और सिकंदराबाद के किशन तालाब पहुंच गई। यहां चौदस के दिन रावण के पुतले का दहन किया गया था।

जब उसे पूरी तरह यकीन हो गया था कि रावण का वध हो चुका है। उसके बाद रावण का दहन किया गया। यहां आज भी एक शिवमंदिर है। मंदिर के पुजारी धनश्याम झा ने बताया कि रास्ता भटकने के बाद मंदोदरी यहां पहुंची थी। मंदोदरी ने 4 दिन तक घोर तपस्या की थी। उसके बाद रावण जिंदा नहीं हुआ तो विजयदशवी के चार दिन बाद मंदोदरी नेे रामायण का अंतिम संस्कार कर दिया। तभी से दशहरेे के 4 दिन बाद रावण का दहन होता है।

Story Loader