
बुलंदशहर मामले में दलित नेताओं ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात, बोले- 20 लाख मुआवजा और नौकरी दे सरकार
बुलंदशहर. युवती से छेड़छाड़ का विरोध करने पर दो महिलाओं की हत्या के मामले में प्रदेश की राजनीति उबाल पर है। पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने के लिए बुधवार को सपा नेता शुजात आलम और बसपा नेता जय प्रकाश के अलावा भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर भी नया गांव पहुंचे। वहीं उनसे पहले समता दल अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने भी पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान दलित नेता धर्मवीर सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी दे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर शासन और प्रशासन ने मदद नहीं की तो समता दल एक बड़ा आंदोलन करेगा।
यहां बता दें कि बुलंदशहर जिले के नया गांव चांदपुर में सोमवार देर रात को एक युवती से छेड़छाड़ के मामले में विरोध करने पर आरोपी ने दलित परिवार के लोगों पर कार चढ़ा दी थी। इस दौरान दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि परिवार के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने पहले सड़क दुर्घटना की धारा लगाते हुए केस दर्ज किया था, हालांकि मंंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद फिलहाल पुलिस ने आरोपी नकुल ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शासन-प्रशासन ने मदद नहीं की तो होगा बड़ा आंदोलन
बुधवार को पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे समता दल के अध्यक्ष और दलित नेता धर्मवीर सिंह ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि घटना जातिवाद से ग्रस्त है। हमारे लोगों को सताया जा रहा है। हमारी मांग हैं कि परिवार को दोनों मौत पर कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शासन-प्रशासन मदद नहीं करता है तो समता दल अपने स्तर पर एक बड़ा आंदोलन करेगा और सुप्रीम कोर्ट तक हम इन लोगों का पीछा नहीं छोड़ेंगे। हम पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पूरी लड़ाई लड़ेंगे।
चंद्रशेखर ने दी चेतावनी
इसके बाद बुधवार को भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर सैकड़ों समर्थकों के साथ नया गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने पहले झूठी एफआईआर दर्ज की थी। जब समाज के लोगों ने विरोध किया तो एफआईआर दोबारा दर्ज की गई। चंद्रशेखर ने कहा कि प्रशासन को हिदायत की गई है कि अगर कोई नेता इस मामले में दबाव बनाने का प्रयास करेगा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Published on:
26 Jun 2019 05:47 pm
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