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Good News: Diwali से पहले टीचरों के एकाउंट में आ जाएंगे इतने रुपये, अब धूमधाम से मनेगी दिवाली

Highlights माध्यमिक शिक्षा परिषद के 420 स्‍कूल हैं Bulandshahr में 3500 से अधिक टीचर और कर्मचारी तैनात हैं इन स्‍कूलों में 6500 से ज्‍यादा स्‍टाफ तैनात है बेसिक शिक्षा परिषद के स्‍कूलों में

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Principal of Hoyer Secondary School wrongly withdrew amount

बुलंदशहर। दिवाली (Diwali) से पहले शिक्षकों (Teachers) के खातों में रुपये आने जा रहे हैं। अब उनकी दिवाली खूब धूमधाम से मनेगी। माना जा रहा है कि शनिवार से शिक्षकों के अकाउंट में पैसा आ जाएगा। बीएसए अमरीश यादव का कहना है क‍ि जनपद में तैनात करीब 6500 शिक्ष‍कों की सैलरी दिवाली से पहले आ जाएगी। इनमें से कुछ शिक्षकों की सैलरी तो आ भी गई है। एक टीचर की सैलरी 30-40 हजार रुपये के बीच में आती है। वहीं, प्राइमरी स्‍कूल की हेड मास्‍टर प्रहिभा शर्मा का कहना है क‍ि अभी तक उनकी सैलरी नहीं आई है। आधिकारिक तौर पर दिवाली से पहले सैलरी देने की बात कही गई है। उनकी जानकारी में फिलहाल अभी किसी कि सैलरी नहीं आई है। उनकी सैलरी करीब 50 हजार रुपये है।

एक तारीख को आता है वेतन

दरअसल, माध्‍यमिक और बेसिक के शिक्षकों का वेतन दिवाली से पहले जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद के 420 स्‍कूल हैं। इनमें 3500 से अधिक टीचर और कर्मचारी काम करते हैं। वहीं, बुलंदशहर (Bulandshahr) में बेसिक शिक्षा परिषद के स्‍कूलों में 6500 से ज्‍यदा टीचर और कर्मचारी तैनात हैं। इनको माह की एक तारीख को वेतन मिलता है।

27 अक्‍टूबर को है दिवाली

इस बार दिवाली का पर्व 27 अक्‍टूबर (Sunday) को है। माह का आखिरी सप्‍ताह होने के कारण शासन ने टीचरों की सैलरी दिवाली से पहले जारी करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि वित्त एवं लेखा अधिकारी ने अक्तूबर की सैलरी दिवाली से पहले जारी कर दी है।

इनकी नहीं आएगी सैलरी

वहीं, जनपद के 150 से अधिक टीचरों की सैलरी रुकने के कारण उनकी दिवाली सूनी बीतेगी। इन शिक्षकों का समायोजन किया जाना था। इस मामले में वित्त एवं लेखा अधिकारी अरुण सिंह ने कहा कि बुलंदशहर में करीब 480 टीचरों का समायोजन हुआ था। इनकी तैनात बच्‍चों की संख्‍या के आधार पर होनी थी। कुछ शिक्षक इस मामले में कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने उनकी शिकायत के निपटारे के लिए कहा था। इसके बाद करीब 150 टीचरों ने न तो स्‍कूल ज्‍वाइन किया है और न ही उनकी शिकायत का निपटारा हुआ है। इस वजह से उनका वेतन रोक दिया गया है।

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