1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कंपनियां बंद होने से बेरोजगार हुए युवा तो बन गए कोरोना योद्धा

घर-घर जाकर कर रहे हैं सैनिटाइजेशन का काम

less than 1 minute read
Google source verification
sanitize.png

बुलंदशहर. कोविड-19 को भगाने के लिए घरों में डोर टू डोर सेनेटाइज़िंग करते जिन युवक़ों को आप देख रहे यह सच्चे कोरोना योद्धाओं की तस्वीर है। दरअसल, यह सन्दीप ठाकुर, जीतन ठाकुर, नितिन कुमार, गोलू शर्मा, उज्ज्वल जैन और दीपक कुमार हैं। यह युवक कोरोना काल से पहले दिल्ली और नोएडा प्राइवेट जॉब में थे।

यह भी पढ़ें: मजदूरों को घर तक पहुंचाने का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार वसूल रही है किराया

महामारी काल में देश पर पड़ी विपदा को देखते हुए इन नौकरीपेशा युवक़ों ने अपनी सेहत की चिंता किये बगैर सैनेटाइज़िंग अभियान का हिस्सा बनने के लिए नगर पालिका बुलंदशहर का नाजिल और पंप उठा लिया और लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करने लगे। काम के बदले युवक़ों की टोली किसी भी प्रकार का पारितोषक भी नहीं ले रही है।

यह भी पढ़ें- लॉकडाउन के बीच ईंट भट्‌टा मजदूरों के बीच चल रहा था प्रेम प्रसंग, तीसरे को लग कई भनक, इसके बाद जो हुआ
सन्दीप ठाकुर बताते हैं कि कोरोना बीमारी के आते ही हम युवक़ों की टोली नगर पालिका चेयरमैन मनोज गर्ग के पास पहुंची और किसी भी सेवा में लगाने का आग्रह किया। जिसको मान लिया गया, करीब 50 दिन से हम लोग निस्वार्थ भाव से सेवा भाव में लगे हुए हैं।

Story Loader