
जर्जर सरकारी भवन दे रहे हादसों को न्योता
जर्जर सरकारी भवन दे रहे हादसों को न्योता
प्रशासन ने बंद कर रखी है आंखें
केशवरायपाटन. धार्मिक नगरी में कई सरकारी व निजी भवन जर्जर हैं। आम रास्तों व आबादी के बीच स्थित इन जर्जर भवनों को ढहाने के लिए प्रशासन कोई प्रयास नहीं कर रहा है। यह कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। भगवान केशवराय महाराज के मंदिर के पास पुरानी तहसील की दीवार जर्जर हो चुकी है। इस दीवार के पत्थर प्रतिदिन गिरते जा रहे हैं। बुधवार शाम को भी मंदिर के रास्ते पर पत्थर गिर चुके हैं। इसके पास जर्जर हो चुकी पुरानी तहसील की मरम्मत करवा कर जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूल चलाने की अनुमति दे रखी है। पास में ही राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय का पुराना भवन भी जर्जर हो चुका है। भवन के पीछे चम्बल नदी के किनारे मिट्टी का टीला है। उसी के पास पुराना पुलिस थाना कभी भी ढह सकता है। यह सब पुराने भवन लाल चौक में स्थित है। यह क्षेत्र भूगर्भीय हलचल की जद में आया हुआ है।
मुंह चिढ़ा रही जर्जर हवेलियां
कस्बे में एक दर्जन से अधिक जर्जर हवेलियां, पुराने आवासीय मकान आबादी के बीच हैं। एक दर्जन निजी मकान मालिक तो दो मंजिलें मकानों को छोडकऱ अन्य शहरों में बस गए। वह यहां मकानों को देखने तक नहीं आते हैं। लाल चौक से केशव मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में एक पक्का मकान कभी भी ढह सकता है। इसी प्रकार जैन मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में तीन मकान जर्जर है। इन मकानों के नीचे ही एक दर्जन केवट परिवारों के मकान है। यहां पर गुरुवार को नगर पालिका ने केशव मंदिर के पास पुराने तहसीलदार आवास के जर्जर भवन को जेसीबी से गिराने का काम शुरू किया।
कस्बे में जर्जर पुराने सरकारी व निजी मकानों को नहीं ढहाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। मेरे मकान के पास भी वर्षों पुराना जर्जर मकान है। मकान मालिक यहां से अन्य जगह चला गया है। वह कभी भी आवासीय मकानों के उपर गिर सकता है।
शेषनारायण शर्मा, मुखिया केशव मंदिर केशवरायपाटन
Published on:
06 Aug 2021 07:45 pm
