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नारकोटिक्स के अधिकारी, कर्मचारी बनकर दिखाया रौब, डरा धमकाकर ऐंठ रहे थे पैसे

एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देकर मादक पदार्थ का धंधा करने वाले व्यक्तियों के साथ मारपीट व डरा धमकाकर पैसे ऐंठने वाला अन्तरराज्यीय गिरोह बूंदी पुलिस के हाथ लग गया।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jul 18, 2021

नारकोटिक्स के अधिकारी, कर्मचारी बनकर दिखाया रौब, डरा धमकाकर ऐंठ रहे थे पैसे

नारकोटिक्स के अधिकारी, कर्मचारी बनकर दिखाया रौब, डरा धमकाकर ऐंठ रहे थे पैसे

नारकोटिक्स के अधिकारी, कर्मचारी बनकर दिखाया रौब, डरा धमकाकर ऐंठ रहे थे पैसे
पीडि़त को कोटा हैगिंग ब्रिज पर लटकाया और पैसों की डिमांड की
बूंदी पुलिस के हाथ लगा अन्तर राज्यीय गिरोह
पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा
बूंदी. एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देकर मादक पदार्थ का धंधा करने वाले व्यक्तियों के साथ मारपीट व डरा धमकाकर पैसे ऐंठने वाला अन्तरराज्यीय गिरोह बूंदी पुलिस के हाथ लग गया। पुलिस ने करीब 2 लाख 96 हजार रुपये लूटने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। बूंदी पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही जिसमें नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी की भी संलिप्तता सामने आई।
पुलिस अधीक्षक शिवराज मीना ने बताया कि बायपास रोड राजीव गांधी कॉलोनी निवासी मोहन गुर्जर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसकी सिलोर पुलिया के नीचे पान की कैबीन है। 25 जून को बायपास पर रहने वाले तौसिफ का फोन आया और उसने गांजे की मांग की तो हां कर दी। कुछ ही देर बाद तौसिफ व कुछ अन्य व्यक्ति कार व दो बाइक पर सवार होकर आए। साथी प्रवीण कुमार मेघवंशी व महावीर मीणा को बायपास गुरुद्वारे के सामने गाड़ी में बैठाकर मारपीट करते हुए ले गए। यही नहीं आरोपियों ने झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर व अपने आप को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बताते हुए तालेड़ा के रास्ते से कोटा मंडाना ले गए। वहां पर डरा धमकाकर जबरन करीब 2 लाख 96 हजार रुपये लूट लिए। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। ऐसी घटना के बारे में पहले भी पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी।
आरोपियों ने नारकोटिक्स विभाग के नाम से लोगों को पकड़ गए रुपये लेकर व मारपीट करके छोड़ा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरीलाल व सहायक पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया की देखरेख में टीम गठित की। टीम को 4 आरोपी हाथ लगे। इनमें कोटा के तेजाजी का चबूतरा अनंतपुरा निवासी इमरान फकीर (31), अकराम हुसैन (29), झालावाड़ जिले के भवानीमंडी निवासी प्रवीण झांवा (29) व भवानीमंडी मेला मैदान निवासी रोहित (25) को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपियों को बापर्दा रखा गया।
दो जने खाकी वर्दी में थे
पीडित ने पुलिस को बताया कि लूट करने वालों में कुल आठ जने शामिल थे। इसमं से दो जने खाकी वर्दी में थे, जिनके तीन स्टार लगे हुए थे। बाकि लोगों को वो सामने आने पर पहचान सकते हैं।
डरा धमकाकर ऐंठे पैसे
बूंदी शहर में मादक पदार्थ के मामले में डरा धमकाकर झूठे केस में फंसाने की बात कहते हुए रुपये ऐंठने वाला यह गिरोह बीते कुछ माह से सक्रिय बताया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम सक्रिय थी। आरोपी कोटा के मंडाना पहुंचे, जहां मोहन के जैब में रखे 5 हजार, प्रवीण से 36 हजार व महावीर के पास रखे 5 हजार रुपये नकद डराधमका कर ले लिए। अधिक राशि की मांग करने लगे, नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस पर पीडि़त मोहन ने अपने फोन पे नंबर से शानू नामक व्यक्ति को 15-15 हजार रुपये दो बार डालेे व महावीर के फोन पे नंबर से रोहित संगत के नंबर पर 20 हजार रुपये डाले गए। यही नहीं आरोपियों को मंडाना ई-मित्र से प्रवीण मेघवंशी के एटीएम से 40 हजार रुपये निकालकर दिए। वहां से आरोपी मारपीट करते हुए कोटा हैगिंग ब्रिज लाकर महावीर को ब्रिज के नीचे लटाकर डराया और केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगते रहे। महावीर के परिवार वालों से 1 लाख 60 हजार रुपये लेकर हैगिंग ब्रिज आकर इनको दिए। इस तरह आरोपी कुल मिलकार 2 लाख 96 हजार रुपये लूट चुके थे। बाद में पैसे लेने के बाद वहीं छोड़ के चले आए। तब पीडि़त डरते-डरते बूंदी पहुंचे।

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