नैनवां. कस्बे की मास्टर कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहे 12वीं कक्षा के छात्र 18 वर्षीय राधेश्याम धाकड़ ने आत्महत्या कर ली। छात्र ने कमरे का गेट अंदर से बंद कर रखा था। मृतक छात्र बामनगांव का रहने वाला था। छात्र की बुधवार को ही जीव विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा थी। छात्र के पिता हेमराज नागर शारीरिक शिक्षक है, जिनके पांच पुत्रियों के बीच राधेश्याम इकलौता पुत्र था। पिता ने पढ़ाई के तनाव से पुत्र के फंदे से झूलकर आत्महत्या करने की रिपोर्ट दी है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
ऐसे लगा पता
मृतक छात्र के उसी के गांव दो सहपाठी निर्मल व सत्यनारायण बुधवार सुबह मृतक छात्र के कमरे पर पहुंचे तो कमरे का गेट अंदर से बंद होने से गेट खोलने के लिए लगाई आवाजों के बाद भी गेट नहीं खोला तो सहपाठियों ने मकान मालिक को बताया। मकान मालिक ने कमरे के रोशनदान से देखा। उसके बाद मकान मालिक ने छात्र के परिजनों व पुलिस को सूचना दी। दोनों सहपाठियों ने बताया कि बुधवार को प्रेक्टिकल की परीक्षा होने से मंगलवार शाम को मृतक राधेश्याम ने भी उनके साथ कमरे पर प्रेक्टिकल फाइलें तैयार की थी। उनकी फाइलें भी राधेश्याम कमरे में ही रखकर गए थे। सुबह पहले राधेश्याम के फोन किए, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। आठ बजे राधेश्याम के कमरे पर पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। थाने से एएसआई लादूङ्क्षसह मौके पर पहुंचे। कमरे का गेट अंदर से बंद होने से परिजनों के आने के बाद कमरे का रोशनदान तुड़वाया। रोशनदान से व्यक्ति को कमरे के अंदर उतार कर गेट खुलवाया। शव का उप जिला अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पिता ने यह दी रिपोर्ट
मृतक छात्र के पिता हेमराज धाकड़ ने रिपोर्ट दी है कि उसका पुत्र राधेश्याम नैनवां में नगेन्द्र सनाढय के मकान में किराए से रहकर पढ़ाई कर रहा था, जो पढ़ाई के तनाव में था। पुत्र की मृत्यु पर कोई शक नही है। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज किया है।
बिलख पड़े परिजन
शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान ही छात्र की मां भी आ गई। पुत्र के शव को देखकर मां व पिता बिलख पड़े। राधेश्याम पांच पुत्रियों के बीच इकलौता पुत्र था। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।