
बूंदी. कुंवारती कृषि मंडी में बजट पूर्व चर्चा करते व्यापारी।
बूंदी. रामगंजबालाजी. जिले में बहुतायत रूप से धान की फसल की जाती है तथा अधिकांश किसानों की आजिविका का मुख्य स्रोत कृषि ही है। सरकार बजट में कृषि क्षेत्र विशेष तौर से धान के लिए अनुसंधान केन्द्र खोले एवं कृषि व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए करों में कटौती के साथ सुविधाएं बढ़ाए ताकि राजकोष में बढ़ोतरी हो एवं व्यापार को भी बढ़ावा मिले।
पुरानी मिल को भी संचालित करने के लिए नई मिलों के अनुरूप अनुदान मिलना चाहिए, ताकि नए उद्योग के अनुरूप संचालित हो सके। एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शुरुआत की प्रक्रिया को सरल व सुविधाजनक बनाया जाए तथा कागजी कार्रवाई के लिए भटकना नहीं पड़े।
द्वारका प्रसाद जाजू
मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान की मंडियों का संचालन होना चाहिए। वर्तमान समय में वहां जाने में उद्योगपति ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। मंडी टैक्स भी मध्यप्रदेश के बराबर होना चाहिए। सरकार को एक्सपर्ट एमपी भेज कर प्रदेश की मंडियों में भी वहां का मॉडल करना चाहिए ताकि किसान व व्यापारी दोनों परेशान नहीं हो।
विनोद न्याती
भू परिवर्तन प्रक्रिया सरल होनी चाहिए। किसी भी नए उद्योग को लगाने के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचने के लिए सरकार को वन ङ्क्षवडो का प्रावधान करना चाहिए ताकि उद्योग लगाने के लिए उद्योगपतियों का समय बच सके। और शुरुआती समय में मंडी टैक्स में रियायत मिलनी चाहिए।
गौरव नुवाल
जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा तीन साल पूर्व का खर्चा भी वर्तमान में वसूला जाता है, जो गलत है बिजली महंगी पड़ती है। सरकार को उद्योगों को बढ़ावा देने का कार्य करना चाहिए, जबकि पुराना बकाया निकाल कर जेब काटी जा रही है। प्रत्येक बिल में वाटर शेष बंद होना चाहिए।
राजेश तापड़िया
सरकार को शुल्क वसूली और स्थानीय स्तर पर खर्च में पारदर्शिता लानी होगी। कृषक कल्याण शुल्क बंद होना चाहिए। मंडी में इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। वर्तमान में शुल्क का भी सीधा असर जिंस के दामों पर दिखाई पड़ता है।
जयराम रोहिरा
अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का डबल इंजन का फायदा मिल रहा है। राजस्थान को छोड़कर गुजरात में और मध्य प्रदेश में एक जैसी होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने एग्रो बेस इंडस्ट्री को मंडी शुल्क से मुफ्त किया हुआ है। इसके अलावा कृषि विकास शुल्क किसी भी नहीं लिया जाता है। ये भी राजस्थान में समाप्त होना चाहिए।
रमनदीप शर्मा
अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी भूमि परिवर्तन के लिए प्रत्येक जिले में एकल विंडों चालू होनी चाहिए। राजस्थान में एग्रो फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का अलग से वर्गीकरण होकर उनको एग्रो फूड प्रोसेसिंग लाइसेंस मंडी लाइसेंस सेपरेट होना चाहिए, जो की एक ही लाइसेंस संपूर्ण राजस्थान में मान्य हो।
सुनील शृंगी, सचिव आढ़तिया संघ कुंवारती बूंदी
Updated on:
21 Jan 2026 05:19 pm
Published on:
21 Jan 2026 05:18 pm
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