
बूंदी. कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ रोकथाम और जागरूकता विषयक विधिक जागरूकता कार्यशाला में मौजूद लोग।
बूंदी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उमंग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ रोकथाम और जागरूकता विषयक विधिक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सविता लौरी की अध्यक्षता में एक निजी स्कूल में किया गया। कार्यशाला में प्राधिकरण पीएलवी सर्वेश तिवारी, वुमेन सेल प्रभारी अनुराधा जैन तथा गणेश कंवर वक्ता के रूप में मंचासीन रही।
पॉश अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए उमंग संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सविता लौरी ने कहा कि पॉश अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सौहार्दपूर्ण जीवन महिलाओं का प्राथमिक आधार है। इसके लिए उन्हें सजग रहने के साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
अनुराधा जैन ने कहा कि कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा इसे वर्ष 2013 में लागू किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीडऩ से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीडऩ की घटनाओं को रोकना और उचित समाधान प्रक्रिया प्रदान करना है। मोनिका माहेश्वरी ने भी विचार व्यक्त किए।
डॉ. सविता लौरी ने बताया कि प्रत्येक नियोक्ता को अपने कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ की शिकायतों को दूर करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति-आईसीसी का गठन करना अनिवार्य हैं। जहां कोई भी पीडि़त महिला कर्मचारी जो औपचारिक शिकायत दर्ज करवा सकती है। इस दौरान आतिश वर्मा, भाविका खत्री, हर्षिता शर्मा, अंजली सुमन, दीपा गांधी, लक्ष्मी सैनी, ममता सैनी सहित स्टाफ सदस्य व अभिभावक भी मौजूद रहे।
Published on:
13 Jul 2025 12:50 pm
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