
कापरेन अस्पताल परिसर।
कापरेन. शहर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करीब चालीस साल पुराना हो चुका है। बीते चार दशक में कापरेन रेफरल चिकित्सालय क्रमोन्नत होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना और कुछ सुविधाएं भी बढ़ी, लेकिन स्टाफ और बेड नहीं बढ़ने और अस्पताल भवन काफी पुराना होने के साथ ही जगह की कमी के चलते यहां आने वाले रोगियों और तीमारदारों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
चार दशक में अस्पताल में आने वाले रोगियों की संख्याभी बढ़कर चार गुना हो गई है। अस्पताल भवन छोटा होने और रोगी वार्ड, चिकित्सा कक्ष, जांच मशीनों के लिए कमरों की आवश्यकता होने और नर्सिंग स्टाफ व चिकित्सकों की कमी के के चलते रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बजट में अस्पताल में बेड बढ़ाने की घोषणा होने से स्थानीय लोगों की उम्मीद बढ़ गई है और आमजन को अब नए अस्पताल भवन के साथ ही चिकित्सा सुविधाएं बढ़ने की उमीद है, जिसको लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शहर के गणमान्य लोगों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल को ज्ञापन देकर नए अस्पताल भवन के लिए उचित जगह और भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करवाने की मांग की है। वहीं घोषणा के बाद चिकित्सा विभाग भी हरकत में है। मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक सप्ताह पहले ही कापरेन दौरे के दौरान निरीक्षण कर नए अस्पताल भवन के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे।
पुराना हो चुका भवन
शहर की मुख्य सड़क पर बना अस्पताल भवन काफी पुराना होने से जीर्णशीर्ण हो रहा है। अस्पताल भवन की जर्जर हालत होने से इस पर दूसरी मंजिल बनाया जाना उचित नहीं है।वही अस्पताल में जगह का अभाव होने से पार्किंग की व्यवस्था नहीं है और अस्पताल परिसर में रोगियों, तीमारदारों के वाहन खड़े होने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।कई बार एबुलेंस को अस्पताल में आने जाने की जगह तक नहीं मिलती है। अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर आये दिन जाम के हालात बन जाते हैं।
लाखों के उपकरण हो गए खराब
अस्पताल के पीछे सीपेज ड्रेन होने और अस्पताल परिसर काफी नीचा होने से बरसात के दौरान परिसर में घुटनों तक पानी भर जाता है। यहां तक की बरसाती पानी भरने से लाखों की एक्सरे मशीन सहित कई महंगे उपकरण खराब हो चुके हैं।अस्पताल की छत टपकने से भी रोगी वार्ड सहित पूरे परिसर में बरसाती पानी भर जाता है और हालात खराब होने से अस्पताल स्टाफ सहित रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रोगियों की संख्या हुई चार गुना
शहरवासियों का कहना है कि बीते चार दशकों में अस्पताल आने वाले रोगियों की संया बढ़ कर चार गुना हो गई है। पहले आउटडोर में दो सौ रोगी आते थे, वहीं अब आउटडोर में छह सौ से आठ सौ रोगी प्रतिदिन पहुंचते है। अस्पताल में जांच के लिए उपकरण है, लेकिन उनको रखने की उचित व्यवस्था नहीं है वहीं बेड बढ़ने से रोगी वार्ड भी बढ़ाए जाने है। ऐसे में नया अस्पताल भवन होना चाहिए और इसके लिए आठ से दस बीघा जमीन होनी चाहिए।
मेगा हाइवे से जुड़े अस्पताल भवन
शहरवासियों का कहना है कि कापरेन अस्पताल भवन मेगा हाइवे के आसपास होना चाहिए, जिससे सड़क दुर्घटनाग्रस्त गभीर रोगियों को तुरंत उपचार मिल सके और रेफर करने पर अतिशीघ्र कोटा भी पहुंच सके।शहरवासियों ने नए अस्पताल भवन के लिए शीघ्र जगह चिन्हित कर आवंटित करवाने की मांग की है।
लोकसभा अध्यक्ष को दिया ज्ञापन
शहर में नया अस्पताल भवन निर्माण के लिए विभिन्न समाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, समाजसेवी लोगो ने कोटा पहुंच कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और शहर में मेगा हाइवे के आसपास ही आगामी समय की आवश्यकताओ देखते हुए नगरपालिका की सिवायचक भूमि चिन्हित कर अस्पताल के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही पुराने अस्पताल भवन का उपयोग सिटी अस्पताल के रूप में जारी रखने की मांग की है, जिससे रोगियों को समय पर उपचार मिल सके।
Updated on:
17 Mar 2025 06:26 pm
Published on:
17 Mar 2025 06:25 pm
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