कलेक्टर सराय को देखते रहे। परिसर में बंद पड़े पशुओं के चिकित्सालय की जानकारी ली। फिर यहां मौजूद लोगों से पूछा बताओ इसका उपयोग क्या किया जाए। कुछ ने क्रिकेट का खेल मैदान, तो कुछ ने जिम शुरू करने की बात कही।
बुरहानपुर अकबरी सराय में कब्जा कर बैठे व्यापारियों को इसे खाली करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। सोमवार को दोपहर दौरा करने पहुंचे कलेक्टर ने अकबरी सराय के प्रभारी को कहा कि व्यापारियों से कह दो कि मंगलवार सुबह 10 बजे तक पूरा कब्जा खाली कर दे, नहीं तो एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, नगर निगम की टीम आएगी और पूरा सामान उठाकर ले जाएगी।
इसका जवाबदारी उनकी खुद की रहेगी। कलेक्टर दीपक सिंह पहली बार सोमवार सुबह महापौर अनिल भोसले के साथ अकबरी सराय पहुंचे। इनके आने से पहले ही इसकी सफाई की जा चुकी थी। कलेक्टर सराय को देखते रहे। परिसर में बंद पड़े पशुओं के चिकित्सालय की जानकारी ली।
फिर यहां मौजूद लोगों से पूछा बताओ इसका उपयोग क्या किया जाए। कुछ ने क्रिकेट का खेल मैदान, तो कुछ ने जिम शुरू करने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि क्रिकेट मैदान तो है यहां पर महिलाओं के स्पेशल खेल मैदान बनाएंगे।
ऐसा है अकबरी सराय
अंडा बाजार की ताना गुजरी मस्जिद के उत्तर में मुगलकाल की प्रसिद्ध यादगार अकबरी सराय है। जिसे अब्दुल रहीम खानखाना ने बनवाया था। उस समय खानखाना सूबा खानदेश के सूबेदार थे। बादशाह जहांगीर के आदेश पर इसका निर्माण हुआ था।
उन्हीं के शासन काल में इंग्लैंड के जेम्स प्रथम का राजदूत सर टॉमस रॉ यहां आया था। वह इसी सराय मे ठहरा था। यहां आकर उन्होंने भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी को शुरू करने की मांग की थी। अब यहां पर 85 लाख रुपए की लागत से सराय को स्टेडियम में तब्दील करेंगे।
इसके लिए राज्य पुरातत्व विभाग से 25 लाख रुपए प्रशासन को मिल चुके है। केंद्रीय पर्यटन विभाग को 1.20 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें से 60 लाख रुपए अकबरी सराय को संवारने में लगाया जाएगा। बाकी 60 लाख जैनाबाद स्थित आहूखाना को संवारने के लिए उपयोग करेंगे।