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बुरहानपुर के कलाकारों ने अपने नृत्य की प्रतिभा विदेश तक फैलाई

- कलाकारों ने किया बुरहानपुर का नाम रोशन
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बुरहानपुर

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Ranjeet Singh

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Updated: 30 Apr 2022, 11:46 AM IST

Artists of Burhanpur spread their dance talent abroad

Artists of Burhanpur spread their dance talent abroad

बुरहानपुर. प्रत्येक वर्ष दुनियाभर में 29 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखाने में बुरहानपुर के कलाकार भी पीछे नहीं है। यहां के कलाकरों ने विदेशों तक अपना हुनर दिखाया है। आज यह युवा अब संगीत और नृत्य के लिए युवाओं को भी प्रेरित कर रहे हैं।
नेपानगर जागृति कला केदं्र के संस्थापक निदेशक मुकेश दरबार यह अपनी टीम के साथ बुरहानपुर का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि हम पिछले 20 वर्षों से लोक कला के क्षेत्र में कार्य करते आ रहे हैं। हमने अभी तक लगभग 200 कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाया है और लगभग 1000 छोटे बड़े मंच एवं पूरे देश तथा विदेशों में प्रदेश की लोक नृत्य शैलियों का परचम लहराया है।
यहां दी है अपनी कला की प्रस्तुति
नेपानगर जागृति कला केंद्र के कलाकारों ने भारत के कई राज्यों में अपने लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी है, जिसमें प्रमुख रूप से नई दिल्ली, मुंबई, नागपुर, अमरावती, गुवाहाटी, असम, बेंगलुरु, हैदराबाद, मैसूर, रांची, झारखंड, इलाहाबाद, चेन्नई के साथ विश्व मंच पर तुर्कमेनिस्तान, कंबोडिया में भी भारत के लोक नृत्य शैली का परचम लहराया है। इनकी पूरी टीम में रविंद्र हनोते, सैयद निसार, प्रकाश केदारे, सहयोगी सतीश पाल, गोपाल कासडे, सुखदेव कासडे, किशन पटेल आदि है।
ेऐसे हुई नृत्य दिवस की शुरुआत
अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29 अप्रैल 1982 से हुई। यूनेस्को के अंतरराष्ट्रीय थिएटर इंस्टिट्यूट की अंतरराष्ट्रीय जांच कमेटी ने 29 अप्रैल को नृत्य दिवस के रूप में स्थापित किया। एक महान रिफॉर्मर जीन चार्ज नावेरे के जन्म की स्मृति में यह दिन अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। दिवस को पूरे विश्व में मनाने का उद्देश्य जनसाधारण के बीच नृत्य की महत्ता का अलख जगाना। साथ ही लोगों का ध्यान विश्व स्तर पर इस ओर आकर्षित करना है।
गांव गांव जाकर युवाओं को कर रहे प्रेरित
मुकेश दरबार ने बताया कि नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में बुरहानपुर जिले के अंचल में स्थानीय नृत्य शैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य स्थानीय कलाकारों के सहयोग से नृत्य उत्सव मना रहे हैं। ग्राम रामाखेड़ा, आंधारवाड़ी, सागफटा, बाकड़ी आदि ग्रामों में नृत्य दिवस मनाया। नृत्य के प्रति जागरूक किया। विशेष तौर से कोरकू जनजाति का गदली नृत्य की प्रस्तुति के साथ कलाकारों को सम्मानित किया