
nirmala sitharaman
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों के संग बैठक करने वाली हैं। इस बैठक का उद्देश्य बैंकों के प्रदर्शन और कोविड-19 महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के मामले में हुई प्रगति की समीक्षा करना है।
सूत्रों के अनुसार मांग और खपत बढ़ाने को लेकर बैंक क्षेत्र की अहमियत को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक अहम है।
महामारी शुरू होने के बाद समीक्षा बैठक
बीते वर्ष मार्च में महामारी शुरू होने के बाद से यह वित्त मंत्री और सरकारी बैंकों के प्रमुखों की आमने-सामने पहली समीक्षा बैठक है। हाल में सीतारमण ने कहा था कि सरकार कोविड-19 महामारी से प्रभावित आर्थिक वृद्धि को गति देने को लेकर हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में बैंक की स्थिति रिजर्व बैंक द्वारा घोषित पुनर्गठन- दो योजना की प्रगति की समीक्षा किये जाने की उम्मीद है। बैठक में बैंकों को उत्पादक क्षेत्रों को कर्ज बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई में होने वाली बैठक के साथ आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की भी समीक्षा होगी।
ये भी पढ़ें: फंसे कर्ज या एनपीए पर भी हो सकती है चर्चा
वित्त मंत्री फंसे कर्ज या एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) की स्थिति की भी जायजा ले सकती हैं। इसके अलावा बैंकों के कई सुधार उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
52 करोड़ में बिका विजय माल्या का किंगफिशर हाउस
उल्लेखनीय है कि सरकार के कई प्रयासों से बैंकों का फंसा कर्ज 31 मार्च, 2021 को घटकर 6,16,616 करोड़ रुपये (अस्थायी आंकड़ा) पर आ चुका है। ये 31 मार्च, 2020 को 6,78,317 करोड़ रुपये तक था। इससे पहले 31 मार्च, 2019 को 7,39,541 करोड़ रुपये पर था। ऐसे में देखा जाए तो कोरोना महामारी के बाद बैक की खराब हालत ठीक करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में बैंकों में सुधार हो रहा है।
Published on:
15 Aug 2021 06:52 pm

बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
