
नई दिल्ली। फिनो पेमेन्ट्स बैंक ने गुरुवार को कई डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की, जिसमें यूपीआई, फास्टटैग और नेट बैंकिंग प्रमुख हैं। बैंक ने कहा कि इन सेवाओं की शुरुआत से डिजिटल बैंकिंग और पेमेन्ट के मौजूदा क्षेत्र में फिनो का विस्तार होगा। क्रेडिट सुइस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत के लोकप्रिय एप्स में भुगतान के एकीकरण से डिजिटल पेमेन्ट का बाजार साल 2023 तक 1000 अरब डॉलर पहुंच जाएगा, जो कि वर्तमान में 200 अरब डॉलर का है। माना जा रहा है कि कंपनी ने ये सेवाएं पेटीएम को टक्कर देने के लिए लॉन्च की हैं।
बचत और निवेश संबंधी कई सुविधाएं मिलेंगी
कंपनी ने कहा कि फिनो पेमेन्ट्स बैंक की डिजिटल पहल से बैंकिंग सरल और सुविधाजनक होगी। 2017 के सितंबर में फिनो ने अपना मोबाइल बैंकिंग एप बीपे लांच किया था। यह एप स्मार्टफोन्स में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है, जिससे ग्राहक बिल भुगतान, रिचार्ज, फंड ट्रांसफर, बीमा खरीदारी, गोल्ड लोन जैसी बचत और निवेश से सम्बंधित कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही इसमें कई नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं।
टियर-3 और टियर-6 जैसे शहरों पर फोकस
फिनो पेमेन्ट्स बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषि गुप्ता ने कहा कि बदलते परिदृश्य से मेट्रो शहरों के बाहर डिजिटल बैंकिंग के अवसर खुल रहे हैं, जिनमें टियर 3 और टियर 6 शहर शामिल हैं। यूपीआई के अलावा, हमारी अन्य डिजिटल पहल जैसे- फास्टैग, नेट बैंकिंग और ऑनलाइन अकाउंट ओपनिंग सेवा भी ग्राहक केन्द्रित है क्योंकि वह बैंकिंग और भुगतान को सरल बनाती हैं। फिनो पेमेंट्स बैंक की इस समय देशभर में 422 शाखाएं हैं और वह इस साल 100 शाखाएं और खोलना चाहती है।
बाजार से 300 करोड़ रुपए जुटाने की लक्ष्य
इन सेवाओं को लॉन्चिंग के जरिए बाजार में पैठ बनाने के प्रयास में जुटी फिनो पेमेन्ट्स बैंक ने शेयर बाजार से भी 300 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी इस साल अक्टूबर तक आइपीओ लेकर आएगी। इस आइपीओ से आने वाली रकम को ऑपरेशन विस्तार पर खर्च किया जाएगा। आपको बता दें कि आईसीआईसीआई बैंक, आईएफसी और सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी बीपीसीएल फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरहोल्डर हैं।
Published on:
10 May 2018 07:34 pm

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