
100 करोड़ की टैक्स चोरी! GST ने कर सलाहकार मो. फरहान के ठिकानों पर मारा छापा, ऐसे हुआ घुलासा...(photo-patrika)
सरकार ने GST दरों में बड़ा बदलाव किया है। उसका मकसद है कि एक जैसे सामान पर टैक्स की एक जैसी दर ताकि न तो ग्राहकों और न ही कारोबारियों के बीच कोई कन्फ्यूजन रह जाए और टैक्स चोरी या मिसक्लासिफिकेशन की गुंजाइश भी न बचे। दूध से लेकर ब्रेड, पनीर और शहद तक कई रोजमर्रा के सामान पर नई दरें लागू की गई हैं।
डेयरी दूध पहले ही टैक्स-फ्री था, अब Ultra High Temperature (UHT) दूध भी छूट में शामिल कर दिया गया है। हालांकि सोया और अन्य प्लांट-बेस्ड मिल्क ड्रिंक्स पर 5% GST रहेगा। सरकार का कहना है कि डेयरी और प्लांट-बेस्ड मिल्क को अलग श्रेणी में रखकर टैक्स स्ट्रक्चर संतुलित किया गया है।
अब सभी भारतीय ब्रेड, चाहे रोटी हो, पराठा, नान या पिज्जा बेस, पूरी तरह GST से बाहर कर दिए गए हैं। पहले इन पर अलग-अलग दरें लगती थीं।
इन पर टैक्स 28% से बढ़ाकर 40% किया गया है। इसकी वजह यह है कि पहले इन पर कंपनसेशन सेस भी लगता था, जिसे खत्म कर दिया गया है। सरकार चाहती है कि टैक्स कलेक्शन का स्तर वही बना रहे।
पनीर पर छूट इसलिए दी गई है क्योंकि इसका उत्पादन स्थानीय स्तर पर होता है और लोकल इंडस्ट्री को प्रमोट करता है। बाकी Cheese की वैरायटी पर अलग टैक्स दरें लागू रहेंगी।
प्राकृतिक शहद पर छूट दी गई है, जबकि आर्टिफिशल हनी पर टैक्स ज्यादा रखा गया है। यह कदम स्थानीय शहद उत्पादकों को बढ़ावा देने और मिलावटी प्रोडक्ट्स को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
कोल्ड ड्रिंक पर 40% टैक्स लगाया गया है ताकि सभी ड्रिंक्स एक ही दर पर आएं और कोई कंपनी नए नाम से प्रोडक्ट लॉन्च कर टैक्स बचाने की कोशिश न कर सके।
| सामान/श्रेणी | पुरानी दर | नई दर |
| डेयरी मिल्क (UHT को छोड़कर) | छूट (Exempt) | छूट (Exempt) |
| UHT मिल्क | 12% | छूट (Exempt) |
| सोया मिल्क ड्रिंक | 12% | 5% |
| अन्य प्लांट-बेस्ड मिल्क ड्रिंक | 18% | 5% |
| इंडियन ब्रेड (रोटी, पराठा, नान आदि) | अलग-अलग (5%–12%) | छूट (Exempt) |
| कार्बोनेटेड फ्रूट जूस/ड्रिंक्स | 28% + Compensation Cess | 40% |
| पनीर (अनपैक्ड/अनलेबल्ड) | छूट (Exempt) | छूट (Exempt) |
| पनीर (प्री-पैकेज्ड व लेबल्ड) | 5% | 5% (कोई बदलाव नहीं) |
| चीज | 12% | 12% (कोई बदलाव नहीं) |
| नेचुरल हनी | छूट (Exempt) | छूट (Exempt) |
| आर्टिफिशल हनी | 18% | 18% (कोई बदलाव नहीं) |
| अन्य नॉन-अल्कोहलिक बेवरेजेस | 28% | 40% |
| अन्य फूड प्रिपरेशन (Not specified) | 12%–18% | 5% |
वित्त मंत्रालय के मुताबिक रेट रेशनलाइजेशन का सिद्धांत साफ है-'समान उत्पाद, समान कर' यानी मिलते-जुलते सामान पर एक जैसी दरें रखी जाएं ताकि विवाद कम हों और टैक्स सिस्टम सरल बने।
Updated on:
5 Sep 2025, 6:09 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 2:13 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.