मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का कमान गौतम अडाणी ने अपने हाथों में लिया है। यह एयरपोर्ट 1,160 हैक्टेयर क्षेत्र में बनेगा। महाराष्ट्र सरकार ने जून 2021 में ही एमआईएएल का स्वामित्व अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स को ट्रांसफर किए जाने की मंजूरी दे दी थी।
नई दिल्ली। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना रही मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ( एमआईएएल ) का मालिकाना हक अब अडानी समूह के हाथों में होगा। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने एमआईएएल का स्वामित्व अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स को ट्रांसफर किए जाने को मंजूरी जून में ही दे दी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा था कि नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। यह एयरपोर्ट 1,160 हैक्टेयर क्षेत्र में बनेगा।
दरअसल, अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के ग्रुप ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टेकओवर पूरा कर लिया है। खुद गौतम अडाणी ने ट्वीट करके मंगलवार यानि 13 जुलाई को इसकी जानकारी दी है। अडाणी ग्रुप बीते कुछ सालों से एविएशन सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। मुंबई एयरपोर्ट के मैनेजमेंट का टेकओवर इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
गौतम अडाणी ने ट्विट में किया इस बात का जिक्र
गौतम अडाणी ने अपने ट्विट में कहा है कि वर्ल्ड क्लास मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मैनेजमेंट का टेकओवर करके हमें खुशी है। मुंबई को गौरवान्वित महसूस कराना हमारा वादा है। अडाणी समूह बिजनेस, लक्जरी और मनोरंजन के लिए भविष्य का एयरपोर्ट इकोसिस्टम खड़ा करेगा। हम हजारों स्थानीय लोगों को नया रोजगार देंगे।
बड़े प्लेयरों को पछाड़ अडाणी ने हासिल किया था ठेका
भारत के प्रमुख एयरपोर्ट का मैनेजमेंट प्राइवेट हाथों में देने के लिए मोदी सरकार ने 2019 में बिडिंग मंगवाई थी। इसमें अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, मंगलुरू, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के हवाईअड्डों के मैनेजमेंट का ठेका अडाणी समूह को ही मिला था। अडाणी ग्रुप के पास इन एयरपोर्ट को ऑपरेट करने का 50 साल का ठेका है। एयरपोर्ट मैंनेजमेंट सेक्टर में जीएमआर जैसे बड़े प्लेयर को ध्वस्त कर अडाणी ग्रुप ने ये ठेका हासिल किया था।
कंपनी का वैल्यूएशन 29 हजार करोड़ रुपए बनाने का लक्ष्य
अब अडानी ग्रुप ने इस कारोबार की अलग कंपनी बनाकर वैल्यूएशन को करीब 29 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने की टारगेट रखा है। आपको बता दें कि साल 2019 में अडानी एयरपोर्ट ने एयरपोर्ट बिजनेस में प्रवेश किया था।