
Gold Price Today (PC: AI)
Gold Price Today: सोने की कीमतों में आज यानि मंगलवार को गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि, इस साल अब तक सोना जिस रफ्तार से दौड़ा है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। इस पीली धातु ने अपने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। कमोडिटी एक्स्पर्ट्स का मानना है कि 2026 में भी सोना दमदार प्रदर्शन कर सकता है।
घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार दोनों में आज सोने के दाम कुछ लुढ़के हैं। भारतीय बाजार में जहां सोना एक लाख तीस हजार प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं, कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव गिरावट के साथ 4,204.40 डॉलर प्रति औंस चल रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में मिराए एसेट शेयरखान के करेंसी और कमोडिटीज एनालिस्ट प्रवीण सिंह के हवाले से बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर मिल रहे संकेत सोने के लिए पॉजिटिव हैं। गोल्ड की कीमतों में आगे तेजी देखने को मिल सकती है।
सोने की कीमतें कल आने वाले अमेरिकी फेड रिजर्व के फैसले से प्रभावित हो सकती हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक 10 दिसंबर को अपनी मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिका में महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के टारगेट से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है या महंगाई नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाता है। अगर फेड रिजर्व, भारतीय रिजर्व बैंक की तरह ब्याज दरों में कटौती का ऐलान करता है, तो गोल्ड के भाव चढ़ सकते हैं।
वहीं, चीन द्वारा सोने के भंडार में बढ़ोतरी जारी है। चीन के केंद्रीय बैंक ने नवंबर में बड़े पैमाने पर सोना खरीदा। यह लगातार 13वां महीना था जब चीन के अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का गोल्ड भंडार अब बढ़कर 74.12 मिलियन ट्रॉय औंस तक पहुंच गया है। चीन ने पिछले साल भी आक्रामक ढंग से गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की थी, जिससे सोने की कीमतों को पंख लग गए थे। लिहाजा, उसके फिर से भंडार भरने से सोने की मांग बढ़ेगी और दाम चढ़ सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय पर बहुत कुछ ऐसा हो रहा है, जिससे गोल्ड के दाम प्रभावित हो सकते हैं। रूस-यूक्रेन में शांति की उम्मीद लगातार कम हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह कह चुके हैं कि यूक्रेन शांति के लिए गंभीर नहीं। ऐसे में अगर रूस और यूक्रेन फिर से पहले वाले युद्ध में उलझते हैं, तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हालात बिगड़ सकते हैं और सोने की कीमतों में उछाल आ सकता है। सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। लिहाजा मुश्किल हालातों में निवेशक अपना पैसा सबसे पहले गोल्ड में लगाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैरिफ को लेकर ट्रंप का मिजाज भी पीली धातु के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर निवेशक क्या करें? मिराए एसेट शेयरखान के करेंसी और कमोडिटीज एनालिस्ट प्रवीण सिंह का मानना है कि गिरावट पर खरीदारी सही रणनीति है। उन्होंने कहा कि गोल्ड को लेकर सही रणनीति फिलहाल यही है कि जब दाम गिरें, तब निवेश किया जाए। गौरतलब है कि इस साल सोने की कीमतें काफी उछली हैं।, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार 2025 में सोने ने 60% से अधिक का रिटर्न दिया है।
Updated on:
09 Dec 2025 01:05 pm
Published on:
09 Dec 2025 01:05 pm
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