17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IndiGo पर पहली बड़ी कार्रवाई, 115 फ्लाइट्स के उड़ने पर रोक, यात्रियों पर क्या होगा असर?

IndiGo daily flights cut: इंडिगो की लापरवाही से सरकार नाराज है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का मन बना चुकी है। बड़े पैमाने पर इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Newsdesk

image

Neeraj Nayyar

Dec 09, 2025

DGCA Action Against Indigo

इंडिगो की फ्लाइट्स में 5% की कटौती की गई है। आगे और भी कटौती संभव है। (PC: AI)

DGCA action on IndiGo flights: देश में हवाई संकट को जन्म देने वाली इंडिगो पर बड़ी कार्रवाई हुई है। DGCA ने इंडिगो की फ्लाइट्स की संख्या में बड़ी कटौती की है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो प्रतिदिन 2300 उड़ानों का संचालन करती है। इसमें 5% की कटौती का फैसला लिया गया है। इस लिहाज से इंडिगो की 115 डेली फ्लाइट्स कम हो जाएंगी।

आगे भी कटौती संभव

इंडिगो संकट से सरकार बेहद नाराज है और कड़े फैसले लेकर एक उदाहरण पेश करना चाहती है। इसलिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) एकदम से एक्टिव मोड में आ गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, DGCA ने इंडिगो पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी फ्लाइट्स में 5% कटौती कर दी है। इस संबंध में एयरलाइन को भी सूचित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में 5% की अतिरिक्त कटौती भी की जा सकती है।

इसलिए बिगड़ गए हालात

इंडिगो का समर शेड्यूल प्रतिदिन 14,158 फ्लाइट्स का था। जबकि 26 अक्टूबर से अमल में आए विन्टर शेड्यूल के तहत प्रतिदिन 15,014 उड़ानों की बात कही गई थी। नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम प्रभावी होने के चलते इंडिगो के पास पायलट की कमी हो गई और उसकी उड़ानें लगातार रद्द होती चली गईं। बताया जा रहा है कि इंडिगो ने नए नियमों को लेकर कोई तैयारी नहीं की थी, इस वजह से हालात बिगड़ गए। सरकार इंडिगो की इस लापरवाही से बेहद नाराज है और उसे सबक सिखाना चाहती है।

कनेक्टिविटी होगी प्रभावित?

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। अधिकांश रूटस पर उसका एकाधिकार है। ऐसे में उसकी फ्लाइट्स में 5% की कटौती का व्यापक असर पड़ सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि किस रूट पर फ्लाइट्स में कटौती होनी है, इस पर अभी काम किया जा रहा है। ताकि कनेक्टिविटी को प्रभावित होने से बचाया जा सके। इस कटौती का लाभ उन दूसरी एयरलाइंस को दिया जा सकता है, जो अतिरिक्त क्षमता जोड़ने में सक्षम हैं।