
जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने पर केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के कर्मचारियों के नौकरियां जाने की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे सिर्फ व्यवस्थाओं में बदलाव आएगा।
जेटली ने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति प्रमाण पत्र हासिल करने वाले सीबीईसी के 40 कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित अलंकरण समारोह एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बदलाव किसी भी अर्थव्यवस्था का हिस्सा है और हमें सिर्फ इसके अनुरूप स्वयं को ढालना होता है।
उन्होंने कर्मचारियों की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ केन्द्र और राज्य के विभिन्न करों का एकीकरण है। जीएसटी एक देश और एक कर तथा एक बाजार की अवधारणा है।
उन्होंने कहा कि दशकों पहले ऊंची कर दरें संरक्षणवाद और राजस्व संग्रह करने का जरिया होतीं थी लेकिन वैश्विक स्तर पर हुये बदलाव के कारण पिछले कुछ दशकों में देश में कर की दरों को तर्कसंगत बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्व के क्षेत्र में भी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढा है और इससे न सिर्फ व्यवस्था में सरलता आई है बल्कि करदाताओं के लिए भी यह सुगम हो गया है।
इस मौके पर वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 14 फीसदी की बढोतरी का लक्ष्य है और सीबीईसी इसको हासिल करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और कालेधन के खिलाफ शुरू किये गये मुहिम में भी इस विभाग के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मौके पर राजस्व सचिव हसमुख अधिया और सीबीडीटी के अध्यक्ष नजीब शाह भी मौजूद थे।
Published on:
27 Jan 2017 09:04 pm
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