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नहीं रहे गुटखा किंग मनसुख भाई कोठारी, सवा रुपए के साथ शुरू किया था सफर

कानपुर के उद्योगपति और पान पराग के संस्थापक मनसुख लाल महादेव भाई कोठारी का शुक्रवार सुबह अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।

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Jyoti Kumar

Nov 28, 2015

कानपुर के उद्योगपति और पान पराग के संस्थापक मनसुख लाल महादेव भाई कोठारी का शुक्रवार सुबह अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।

मामूली सी नौकरी से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाले मनसुख भाई ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया। इसके बाद वे सफलता की सीढिय़ा चढ़ते गए। कोठारी के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि करीब एक माह से वह अपने पुत्र दीपक कोठारी के पास आ गए।

बीती रात उनकी हालत बिगड़ी और रात करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शनिवार 28 नवंबर को कानपुर के भैरोघाट में सुबह होगा।तमाम संधर्ष के बाद मिली सफलताएक छोटे से गांव निराली में पैदा हुए मनसुख अपने आठ भाई-बहनों में सबसे बड़े थे।

उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत महज 1.25 रुपए की दिहाड़ी से की थी। लेकिन आगे बढऩे की सोच और मेहनत करने की चाह कभी न खत्म हुई और न ही कभी धीमी। यही वजह थी कि वह पान मसाले के कारोबार में एक बड़ा नाम बनकर सामने आए। उनके द्वारा शुरू किया गया 'पान पराग' आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

छोटा व्यवसाय, बड़ा ब्रांडमनसुख भाई ने बहुत ही छोटे स्तर पर पान पराग के नाम से अपने गुटखा व्यवसाय की शुरुआत 18 अगस्त 1973 में की थी। उस वक्त कोई नहीं जानता था कि यह एक बड़ा ब्रांड बन जाएगा। लेकिन अस्सी के दशक में इस ब्रांड ने तहलका मचा दिया था और यह हरदिल अजीज हो गया।

उन्हें 1987 में राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा था।विज्ञापन था लाजवाबपान पराग के उस विज्ञापन को आज तक कोई नहीं भूल पाया है जो शम्मी कपूर और अशोक कुमार पर फिल्माया गया था। इसमें कही गई लाइनें 'बारातियों का स्वागत पान पराग से कीजिएगा' सभी की जुबान पर चढ़ गया था।

pan parag

यह विज्ञापन उस दौर पर टीवी पर आने वाला सबसे बड़ा विज्ञापन था। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया था।ये थीं कोठारी की उपलब्धियांवर्ष 1973 18 अगस्त को पान पराग का शुभारंभवर्ष 1983 कोठारी प्रोडक्ट्स प्राइवेट के रूप में शुरुआतवर्ष 1983-1987 पान पराग एकल सबसे बड़ा टीवी पर विज्ञापनदाता और पान मसाला 1983-1987 की अवधि में बड़ा ब्रांड बन गयावर्ष 1985 स्वचालित और आधुनिकीकरण प्लांट में पाउच के क्रांतिकारी पैकिंग में पान मसाला का शुभारंभवर्ष1987 पान पराग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गयावर्ष 1988 बजट वाशिंग पाउडर का शुभारंभ।

राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सम्मानित कियावर्ष 1995 कोठारी प्रोडक्ट्स लिमिटेड एक सूचीबद्ध कंपनी बन गई। मिनरल वाटर हां का शुभारंभवर्ष 2003 पराग सुपारी के लिए एफएमसीजी पुरस्कार 2003 प्राप्त। , पराग साडा और 28 मई को पान पराग प्रीमियम सुप्रीम की शुरुआतवर्ष 2003 सबसे पसंदीदा ब्रांड के लिए 2004 का उपभोक्ता दुनिया पुरस्कार प्राप्त मेरा ब्रांडवर्ष 2005 नोएडा में कोठारी इंटरनेशनल स्कूल की स्थापनावर्ष 2009 उत्कृष्टता का प्रमाण पत्र। तम्बाकू बोर्ड द्वारा सम्मानित किया गया।