
credit score
हर मध्यमवर्गीय व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कर्ज लेने की आवश्यकता पड़ती है। मसलन, घर या गाड़ी खरीदते समय हमें बैंक से लोन की जरूरत पड़ती है। इसी तरह अचानक किसी बड़े खर्चे के लिए पैसे उधार लेने पड़ते है। लोन लेने से पहले कुछ खास बातों को हमेशा ध्यान रखना चाहिए। अगर आप लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो इसमें आपकी क्रेडिट स्कोर का अहम योगदान होता है। जिसका स्कोर बढ़िया है उसको लोन लेने में आसानी रहती है। वहीं किसी का क्रेडिट स्कोर ठीक नहीं है तो उसे लोन लेने में कई प्रकार की परेशानियों से जुझना पड़ता है। अगर आपको स्कोर खराब है तो बैंक आपको कर्ज देने से इंकार भी कर सकता है। आइए जानते है कि खराब क्रेडिट स्कोर के क्या क्या नुकसान होते है।
अधूरा रहा सकता है घर का सपना
जिस व्यक्ति का खराब स्कोर होता है उसे बड़े बैंकों से कर्ज नहीं मिल पाता है। आमतौर बड़े बैंक एक सीमा से नीचे के स्कोर पर कर्ज नहीं देते है। यदि आपका स्कोर कम है तो बैंक कर्ज ऑफर भी उसी सीमा पर तय करता है। यानि कमजोर सिबिल स्कोर के आधार पर आप कर्ज के लिये अपनी आय या उम्र का अधिकतम फायदा नहीं उठा पाते इससे आपको कर्ज आपके अनुमानों से काफी कम मिलता है। या बैंक आपको कर्ज देने से इनकार भी कर सकता है। ऐसे में आपका बड़ा घर खरीदने का सपना अधूरा रह सकता है।
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कर्ज लेने में परेशानी
क्रेडिट स्कोर खराब है तो कर्ज लेने के लिए बैंक के कई चक्कर लगाने पड़ते है। कोई भी बैंक कमजोर क्रेडिट स्कोर को कर्ज देने से पहले कई बार सोच विचार करते हैं। बैंक ग्राहक के बैंकग्राउंड की पूरी जानकारी लेता है। इसके साथ ही बैंक एप्लीकेशन को सपोर्ट करने के लिए ग्राहक से अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगते है।
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चुकानी पड़ती है ऊंची ब्याज दर
अक्सर देखा जाता है कि बैंक त्योहार या उत्सव के साथ समय-समय कर्ज के लिये आकर्षक ऑफर देता है। जिसमें कम ब्याज दरें और कई तरह की छूट आदि शामिल होती हैं। इन सभी ऑफर का लाभ लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए। औसत या उससे कम के क्रेडिट स्कोर रखने वाले इन ऑफर का फायदा नहीं मिलता। यहीं नहीं अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है को आपको कर्ज कड़ी शर्तों पर ही मिलता है। इसके अलावा ऊंची ब्याज दरें भी चुकानी पड़ती है।
कैसे सुधारे क्रेडिट स्कोर
जब भी कोई लेनदेन और क्रेडिट कार्ड या छोटे-बड़े बिलों के भुगतान को देखते हुए सिबिल स्कोर में सकारात्मकता या पॉजिटिविटी आती है। बिलों के पेमेंट में देरी नहीं करना चाहिए। हमेशा समय पर बिल चुकाना चाहिए। कई बार लोन लेने और उसे सही समय पर चुकाने के बाद बैंक से एनओसी नहीं लेते जिस वजह से स्कोर हो जाता है। अगर क्रेडिट कार्ड बंद करते हैं तो बैंक से इसकी पूरी कागजी कार्यवाही पूरी करनी चाहिए। इसके अलावा कार्ड बंद करने का प्रमाण पत्र बैंक से जरूर लें।
Published on:
22 Mar 2022 12:22 pm
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