
अगर आप भी अपना पैसा कहीं निवेश करना चाहते हैं तो म्युचुअल फंड आप के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन निवेश से पहले आपको इसकी सही जानकारी होना जरूरी है, जानते हैं इसके फायदे और नुकसान।
म्युचुअल फंड्स का प्रबंधन इस कार्य में कुशल प्रोफेशनल्स करते हैं। जिन निवेशकों के पास पर्याप्त पैसा और जानकारी नहीं होती वो म्युचुअल फंड खरीदते वक्त इन प्रोफेशनल्स पर भरोसा करते हैं, ताकि निवेशक अपने पोर्टफोलियो का प्रबंधन कर सके। इस तरह म्युचुअल फंड आपके निवेश और उस पर नजर रखने का सस्ता तरीका होता है।
ये हैं खास बातें
- किसी खास शेयर को खरीदने के बजाय म्युचुअल फंड की कई यूनिट खरीद कर आप अपने जोखिम को कम कर सकते हैं और उसे टुकड़ों में बांट कर प्रभाव को कम कर सकते हैं। एक म्युचुअल फंड के तहत कई एसेट्स में निवेश का फायदा यह होता है कि अगर एक एसेट में नुकसान हो भी जाए तो दूसरी एसेट का फायदा आपके नुकसान को कम कर देता है।
-म्युचुअल फंड का प्रबंधन करने वाले अधिक मात्रा में शेयर्स या बॉन्ड खरीदते हैं, जिससे लेन-देन पर आने वाली लागत कम हो जाती है।
- म्युचुअल फंड में आपको यह आजादी होती है कि आप अपना पैसा कभी भी वापस निकाल सकते हैं।
-म्युचुअल फंड निवेश का आसान और सुविधाजनक तरीका है जिसके तहत आप कम से कम पैसे महीने भी निवेश कर सकते हैं।
इनका रखें विशेष खयाल
- कई बार म्युचुअल फंड का प्रोफेशनल मैनेजमेंट नुकसान का कारण भी बनता है। अगर मैनेजमेंट कमजोर है, तो वो बाजार में उपलब्ध अवसरों को सही तरीके से भुना नहीं पाता हैं और नतीजन आपको नुकसान उठाना पड़ता है। इसीलिए कई लोग ये भी मानते हैं कि प्रोफेशनल्स के बजाय खुद ही निवेश करना बेहतर है।
- म्युचुअल फंड में पैसा डालते-निकालते समय निवेशक से कुछ शुल्क लिया जाता है, जो आपके निवेश को थोड़ा महंगा कर देता है।
-म्युचुअल फंड में अलग-अलग कंपनियों में थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाया जाता है, इसलिए किसी एक कंपनी के फायदे से आपको होने वाले फायदे पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है।
-आपके पैसे को निवेश करते वक्त म्युचुअल फंड मैनेजर्स आपके व्यक्तिगत टैक्स के हालात को मद्देनजऱ नहीं रखते।
क्या करें, क्या न करें
-लंबे समय के लिए नियमित पैसा लगाइए, तभी औसत बढ़त का फायदा होगा
-पिछले कुछ दिन या महीनों के प्रदर्शन के हिसाब से फंड का चुनाव न करें
-दोस्तों के फायदे या नुकसान को देखते हुए चुनाव न करें
-फंड में उतना ही रकम डालें, जो आप आराम से लंबे समय तक डाल सकते हैं
-फंड में एकमुश्त ज्यादा रकम न लगाएं, बाजार की उठापटक से बचे रहेंगे
-पांच साल से ज्यादा ट्रैक रिकॉर्ड वाले फंड पर पैसा लगाएं
-फंड में स्थिरता पर ध्यान देना चाहिए
-किसी एक विशेष क्षेत्र के फंड में पैसा लगाने से बचना चाहिए
-डाइवर्सिफाइड फंड में ही पैसा लगाएं
Published on:
29 May 2016 07:09 am
